US Israel Iran conflict: हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर फायरिंग की घटना सामने आई. यह इलाका तेल और गैस की सप्लाई के लिए बेहद अहम है. इस घटना ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को चिंतित कर दिया है.
ट्रंप का क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने समुद्री मार्गों पर इस तरह की हरकतें जारी रखीं तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश चुप नहीं बैठेंगे. उन्होंने साफ कहा कि भारतीय जहाजों पर हमला केवल भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक व्यापार पर सीधा खतरा है.
इजरायल का समर्थन
ट्रंप ने अपने संबोधन में इज़राइल का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका और इज़राइल मिलकर ईरान की आक्रामक नीतियों का जवाब देंगे. इज़राइल पहले से ही ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए है और इस घटना ने उसे और आक्रामक बना दिया है.
भारत की चिंता
भारतीय जहाजों पर फायरिंग से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं. भारत की तेल और गैस की सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आता है. ऐसे में भारत के लिए यह घटना बेहद गंभीर है.
ईरान की सत्ता पर सवाल
इस घटना के बाद ईरान की सत्ता संरचना पर भी सवाल उठ रहे हैं. वहां धार्मिक नेतृत्व और राजनीतिक नेतृत्व के बीच तालमेल की कमी अक्सर नीतियों को प्रभावित करती है. यही वजह है कि समुद्री सुरक्षा पर भी अस्थिरता दिख रही है.
अमेरिका-ईरान टकराव
ट्रंप की चेतावनी से साफ है कि अमेरिका ईरान को लेकर अब और सख्त हो सकता है. पहले से ही दोनों देशों के बीच तनाव है और यह घटना उस तनाव को और गहरा कर रही है.
वैश्विक असर
होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता का असर सीधे तेल की कीमतों पर पड़ता है. अगर ऐसी घटनाएं बढ़ती हैं तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट आ सकता है.
भारतीय जहाजों पर फायरिंग की घटना ने ईरान-अमेरिका-इज़राइल के बीच तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. ट्रंप की चेतावनी से साफ है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं. भारत के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है क्योंकि उसकी ऊर्जा सुरक्षा इसी मार्ग पर निर्भर है.
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-भारत एकक्सप्रेस
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