UNSC Emergency Meeting: एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र में कथित रूसी जेट विमानों के प्रवेश पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक सोमवार को बुलाई गई. इस बैठक के दौरान एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्सखना ने रूसी लड़ाकू विमानों के अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश को उकसावे की कार्रवाई करार दिया.
एस्टोनिया के विदेश मंत्री ने कहा कि रूसी उकसावे ‘अस्थिरता बढ़ाने वाली कार्रवाई’ हैं जो क्षेत्र को ‘पिछले कुछ वर्षों की तुलना में हमें संघर्ष की ओर धकेल’ रहे हैं. अन्य देशों के विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ राजनयिकों के साथ, एस्टोनिया के विदेश मंत्री त्सखना ने 50 देशों और यूरोपीय संघ की ओ रने की घटना की निंदा की गई.
चौथी बार रूसी विमानों ने हवाई उल्लंघन किया
उन्होंने कहा कि यह ‘उकसावा काफी घातक’ था और ‘इस साल रूस द्वारा एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र का चौथा उल्लंघन’ था. हम आज यहां इसलिए हैं क्योंकि यह घटना न केवल एस्टोनिया, बल्कि पूरे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से संबंधित है.’
आगे उन्होंने चेतावनी दी कि ‘यह अपने पड़ोसियों के खिलाफ रूसी उकसावे के व्यापक पैटर्न का हिस्सा है. रूस की लापरवाह कार्रवाइयां न केवल अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि एक उकसावा है जो पूरे क्षेत्र को संघर्ष की ओर धकेल रही हैं.’
उन्होंने रूस से आग्रह किया कि वह ‘बिना किसी देरी के यूक्रेन के खिलाफ जंग को बंद करे” और “अपने पड़ोसियों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ सभी उकसावे और धमकियों को समाप्त करे.’
दरअसल, एस्टोनिया ने यूएनएससी से आपातकालीन बैठक का अनुरोध तब किया जब शुक्रवार (19 सितंबर) को तीन रूसी मिग-31 लड़ाकू विमानों ने बिना अनुमति के फिनलैंड की खाड़ी के ऊपर से एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर लिया था.
एस्टोनियाई विदेश मंत्रालय के अनुसार, नाटो ने इन्हें इंटरसेप्ट किया. रोके जाने से पहले ये जेट विमान 12 मिनट तक वहीं रुके रहे थे. इस घटना के बाद एस्टोनियाई विदेश मंत्री मार्गस त्सखना ने रविवार को एक्स पोस्ट में कहा कि रूस की कार्रवाई ‘संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सिद्धांतों को कमजोर करती है.’
-भारत एक्सप्रेस
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