PM Modi Message At G20: शनिवार को पीएम मोदी ने जोहान्सबर्ग में चल रहे G20 समिट को संबोधित किया. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा को इस शानदार सफल आयोजन के लिए बधाई दी. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि, साउथ अफ्रीका की अध्यक्षता में स्किल्ड माइग्रेशन, फूड सिक्योरिटी, टूरिज्म, इनोवेशन, वूमन एम्पावरमेंट जैसे क्षेत्रों में बहुत ही सराहनीय काम हुआ है.
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कई दशकों में जी20 ने ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ और ग्लोबल फाइनेंस के क्षेत्र को बेहतर दिशा दी है. लेकिन जिन पैरामीटर्स पर अबतक काम हुआ है, उसके चलते बहुत बड़ी आबादी संसाधनों से वंचित हो गई है. इसपर और काम करने की जरूरत है. अफ्रीका इसका बहुत बड़ा भुक्तभोगी है. जब अफ्रीका पहली बार इस जी20 समिट की मेजबानी कर रहा है, तो उसे विकास के सभी पैरामीटर्स पर विचार करने की जरूरत है.

विकास का रास्ता भारत के सभ्यतागत मूल्यों में है- पीएम मोदी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन क्षेत्रों में सही काम करने का रास्ता भारत के सभ्यतागत मूल्यों में है और वो रास्ता है एकात्म मानववाद, यानी हमें मानव, समाज और प्रकृति को एक साथ मिलाकर आगे बढ़ना होगा.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत का प्रस्ताव है कि जी20 के तहत एक वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार बनाया जाए. भारत का जो, भारतीय ज्ञान प्रणाली पहल है, वो इसका आधार बन सकता है. यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म मानवता के सामूहिक ज्ञान को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि अफ्रीका के विकास और अफ्रीका के यंग टैलेंट को सक्षम बनाना पूरी दुनिया के हित में है, इसलिए भारत जी20-अफ्रीका कौशल गुणक पहल का प्रस्ताव रखता है. ये अलग-अलग सेक्टर्स के लिए ‘ट्रेन-द-ट्रेनर्स’ मॉडल के तहत चल सकता है, और जी20 के सभी पार्टनर इसको फाइनेंस कर सकते हैं और सपोर्ट कर सकते हैं.

विकास के लिए सामूहिक लक्ष्य की जरूरत
उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक लक्ष्य है कि अगले एक दशक में, अफ्रीका में वन मिलियन सर्टिफाइड ट्रेनर तैयार हों. ये ट्रेनर, आगे चलकर करोड़ों स्किल्ड युवा तैयार करेंगे. यह एक ऐसी पहल होगी जिसका मल्टीप्लायर इफेक्ट होगा. इससे लोकल कैपेसिटी का निर्माण होगा, और अफ्रीका की दीर्घकालिक विकास को बल मिलेगा.
पीएम मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य आपात स्थिति और प्राकृतिक आपदाओं के संकट से निपटना भी हमारा सामूहिक दायित्व है. इसलिए, भारत का प्रस्ताव है कि जी20 वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया टीम का गठन हो. इसमें G20 देशों के प्रशिक्षित मेडिकल विशेषज्ञ हों. ये टीम, किसी भी वैश्विक स्वास्थ्य संकट या प्राकृतिक आपदा के समय तेजी से तैनाती के लिए तैयार रहे.
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ड्रग्स पर लगाम लगाना जरूरी
उन्होंने कहा कि एक और बड़ा विषय नशीले पदार्थों की तस्करी का है. विशेषकर फेंटेनिल जैसे अत्यंत घातक ड्रग्स तेजी से फैल रहे हैं. ये पब्लिक हेल्थ, सोशल स्टेबिलिटी और ग्लोबल सिक्योरिटी के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं. ये टेररिज्म को फाइनेंस करने का भी एक बड़ा माध्यम है. इस वैश्विक खतरे का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए भारत ड्रग-टेरर गठजोड़ का मुकाबला करने पर जी20 पहल का प्रस्ताव रखता है. इसके तहत हम फाइनेंस, गवर्नेंस और सिक्योरिटी से जुड़े अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट्स को एक साथ ला सकते हैं. तभी ड्रग-टेरर इकोनॉमी को कमजोर किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि भारत-अफ्रीका एकजुटता हमेशा से मजबूत रही है. नई दिल्ली समिट के दौरान अफ्रीकन यूनियन का इस ग्रुप का स्थाई सदस्य बनना एक बहुत बड़ा पहल था. अब ये आवश्यक है कि इस स्पिरिट का विस्तार जी20 से भी आगे हो. सभी वैश्विक संस्थाओं में ग्लोबल साउथ की आवाज और बुलंद हो, इसके लिए हमें मिलकर प्रयास करना चाहिए.
-भारत एक्सप्रेस
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