ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रॉस्टाडॉटिर ने भारत और आइसलैंड के बीच अनोखे भाषाई संबंध को रेखांकित किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उपयोग किए गए ‘संबंध’ शब्द की विशेष सराहना की. संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा विचार है जिसकी आज के समय में दुनिया को सबसे अधिक जरूरत है. फ्रॉस्टाडॉटिर ने कहा कि ‘संबंध’ एक विशुद्ध आइसलैंडिक शब्द भी है.
हिंदी और नॉर्डिक भाषाओं में एक ही अर्थ
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कई बार इस शब्द का उपयोग किया था. पीएम मोदी ने कहा था कि कई नॉर्डिक भाषाओं में ‘संबंध’ का अर्थ जुड़ाव, रिश्ते और बंधन होता है और हिंदी में भी इसका बिल्कुल यही अर्थ है. पीएम ने कहा, “यह केवल शब्दों की समानता नहीं है, बल्कि हमारे विचारों की निकटता को दर्शाता है. आइए हम अपने बीच हर क्षेत्र में संबंधों को और गहरा करें और भारत-नॉर्डिक साझेदारी को साझा समृद्धि, नवाचार और सतत भविष्य का मॉडल बनाएं.”
जलवायु परिवर्तन पर पीएम मोदी के विजन की तारीफ
आइसलैंड की प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन को लेकर पीएम मोदी के सकारात्मक और प्रगतिशील दृष्टिकोण की भी जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का इस मुद्दे पर ऐसा रुख एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश देता है. उन्होंने बदलावों से डरने के बजाय आशा को बढ़ावा देने की बात कही. इसके अलावा शिखर सम्मेलन में स्थिरता, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा और उभरती तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई.
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