भारत दुनिया का नौवां बड़ा वन क्षेत्र वाला देश
WORLD FOREST REPORT: वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण (Green Cover) को बढ़ाने के प्रयासों में भारत ने सराहनीय कदम उठाए हैं. भारत अपने भू-भाग की 25% से भी अधिक भूमि पर वन क्षेत्र के साथ दुनिया का 9वां सबसे बड़ा वन क्षेत्र वाला देश बन गया है. यहां सालाना औसतन 2.66 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र बढ़ रहा है.
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, चीन और ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश है, जहां सबसे तेजी से वन क्षेत्र बढ़ रहा है. देश के कुल हरित आवरण में 1,12,014.34 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ऐसे ट्री कवर का है जो पारंपरिक जंगलों की सीमाओं से बाहर स्थित है. वहीं, 5 जून 2024 से शुरू हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अब तक देश भर में रिकॉर्ड 262.4 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं.
टॉप-10: दुनिया के सबसे ज्यादा वन क्षेत्र वाले देश
खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) और संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के कुल वन क्षेत्र का बड़ा हिस्सा इन्हीं 10 देशों में केंद्रित है:
रैंक / देश (Country) / वैश्विक वन क्षेत्र में हिस्सेदारी
1. रूस (Russia) ~20%
2. ब्राजील (Brazil) ~12%
3. कनाडा (Canada) ~9%
4. अमेरिका (USA) ~8%
5. चीन (China) ~5%
6. ऑस्ट्रेलिया (Australia) ~3%
7. कांगो (DR Congo) ~3%
8. इंडोनेशिया (Indonesia) ~2%
9. भारत (India) ~2%
10. पेरू (Peru) ~1.8%
पिछले एक-दो दशकों में कहां घटा-बढ़ा वन क्षेत्र?
वैश्विक स्तर पर पिछले एक-दो दशकों में चीन, भारत, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों में वनीकरण अभियानों और कड़े संरक्षण कानूनों के कारण हरित आवरण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. पिछले तीन दशकों (1990 से वर्तमान तक) में भारत ने अपने कुल वन और वृक्ष आवरण में निरंतर सुधार देखा है.

भारत में 30 साल में कहां बढ़ा वन क्षेत्र: आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, कर्नाटक, केरल और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में वनीकरण अभियानों, सामुदायिक वानिकी और कृषि-वानिकी के बल पर जंगलों का दायरा बढ़ा है.
कहां घटा वन क्षेत्र: पूर्वोत्तर भारत के राज्यों (जैसे मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर) में शिफ्टिंग कल्टीवेशन (झूम खेती), बुनियादी ढांचे के विकास और प्राकृतिक आपदाओं के कारण पिछले कुछ वर्षों में सघन जंगलों में मामूली कमी दर्ज की गई है.

क्या भारत सबसे विविध पेड़-पौधों वाला देश है?
भारत दुनिया के 17 ‘मेगा-डाइवर्स’ (अत्यधिक जैव-विविधता वाले) देशों में से एक है. भारत में पेड़-पौधों और वनस्पतियों की 47,000 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जो दुनिया की कुल वनस्पति प्रजातियों का लगभग 11-12% है. यद्यपि ब्राजील जैसे उष्णकटिबंधीय देश जैविक विविधता में सबसे आगे हैं, लेकिन भारत अपनी भौगोलिक विविधता (हिमालय से लेकर समुद्र तटीय इलाकों तक) के कारण सबसे विविध वनस्पति वाले शीर्ष देशों में शुमार है.

पौराणिक ज्ञान: 20 लाख प्रकार के हैं पेड़-पौधे
सनातन धर्मग्रंथों, विशेषकर पद्म पुराण में सृष्टि की जीव विविधता का अत्यंत सूक्ष्म और वैज्ञानिक वर्गीकरण हजारों साल पहले ही कर दिया गया था. शास्त्रों के अनुसार, आत्मा को 84 लाख प्रकार की योनियों के चक्र से गुजरना पड़ता है. जिसमें स्थावर (पेड़-पौधे और वनस्पति) 20 लाख प्रकार के होते हैं. कहा जाता है कि पेड़-पौधों और वनस्पतियों के रूप में 20 लाख योनियों में भटकने के बाद आत्मा धीरे-धीरे चेतना के उच्च स्तरों की ओर बढ़ती है. जीवात्मा को पुण्यकर्मों के कारण मानव योनि प्राप्त होती है.
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