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अमेरिका-ईरान लड़ते रहे जंग, भारत ने कर दिया तेल का खेल!

India Algeria LPG Deal: अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज संकट के बीच भारत LPG सप्लाई के नए स्रोत तलाश रहा है. इंडिया LPG खरीदने की तैयारी में है.

India LPG supply

India Algeria LPG Deal

India Algeria LPG Deal: अमेरिका- ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपनी LPG सप्लाई को लेकर बड़ा कदम उठाया है. देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) अल्जीरिया की सरकारी ऊर्जा कंपनी सोनाट्राच से LPG खरीदने के लिए एक नए समझौते के करीब पहुंच गई है. यह डील 2027 से शुरू हो सकती है. माना जा रहा है कि इससे भारत को LPG के लिए मिडिल ईस्ट पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते के तहत इंडियन ऑयल हर महीने करीब 45,000 से 55,000 मीट्रिक टन LPG खरीद सकती है. इसके लिए बड़े गैस कैरियर जहाजों के जरिए प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण भारत लाया जाएगा. ऐसे में अल्जीरिया भारत के लिए LPG का एक और अहम सप्लायर बन सकता है.

होर्मुज तनाव के बीच क्यों जरूरी है यह कदम?

भारत अपनी LPG जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरा करता है. इनमें मिडिल ईस्ट के देशों की भूमिका काफी अहम है. लेकिन होर्मुज के आसपास बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर संभावित रुकावटों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है. अगर इस रास्ते से आने वाली सप्लाई प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर घरेलू LPG उपलब्धता पर पड़ सकता है.

ऐसे समय में अल्जीरिया से सप्लाई बढ़ाना भारत के लिए एक तरह का सुरक्षा कवच साबित हो सकता है. इससे किसी एक क्षेत्र पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता घटेगी और सप्लाई के दूसरे रास्ते भी खुले रहेंगे.

कीमत भी भारत के लिए फायदेमंद

रिपोर्ट के अनुसार, अल्जीरिया से मिलने वाली LPG की कीमत सऊदी अरामको के कॉन्ट्रैक्ट प्राइस से कम हो सकती है. प्रस्तावित समझौता FOB आधार पर होगा. यानी अल्जीरिया में माल जहाज पर लोड होने के बाद आगे के परिवहन और उससे जुड़ी लागत की जिम्मेदारी भारतीय खरीदार की होगी.

इंडियन ऑयल और सोनाट्राच के बीच पहले भी एक तय अवधि का समझौता रहा है. बाद में IOCL ने मिडिल ईस्ट के सप्लायर्स से खरीद बढ़ा दी थी. अब नई डील दोनों कंपनियों के रिश्तों को फिर मजबूत कर सकती है.

LPG सप्लाई मजबूत करने की कोशिश

भारत में खाना पकाने के लिए LPG का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है. इसलिए इसकी सप्लाई में थोड़ी सी भी परेशानी आम परिवारों पर तुरंत असर डाल सकती है. इसी वजह से सरकार और तेल कंपनियां आयात के स्रोत बढ़ाने पर जोर दे रही हैं.


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अल्जीरिया के साथ संभावित समझौता इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. इसके साथ ही भारत उपभोक्ताओं को पाइपलाइन के जरिए मिलने वाली प्राकृतिक गैस की ओर बढ़ाने की कोशिश भी कर रहा है, ताकि आयातित LPG पर दबाव कुछ कम किया जा सके.

कुल मिलाकर, अगर यह डील तय होती है तो भारत को LPG सप्लाई का एक नया और अहम स्रोत मिलेगा. इससे मिडिल ईस्ट में किसी भी संभावित संकट के दौरान देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिल सकती है.

-भारत एक्सप्रेस



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