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‘होर्मुज खुला है… हमारी नाकाबंदी ने काम कर दिखाया!’ ईरान पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी बेहद प्रभावी रही है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार 65 कारोबारी जहाजों का रास्ता बदला गया.

Donald Trump- Strait of Hormuz

ट्रंप ने दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है

Donald Trump On Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज अभी खुला हुआ है और बड़ी संख्या में कारोबारी जहाज इस अहम समुद्री रास्ते से गुजर रहे हैं. ट्रंप ने साथ ही अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को बेहद प्रभावी बताया है.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है और वहां से काफी संख्या में नावें गुजर रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति की जानकारी लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंचाई जा रही है. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर नियंत्रण बनाए हुए है. उन्होंने संकेत दिया कि आगे हालात किस दिशा में जाते हैं, यह देखना होगा.

65 कारोबारी जहाजों का बदला रास्ता

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, 19 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने 65 कारोबारी जहाजों का रास्ता बदलवाया है. इसके अलावा तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया, जबकि दो जहाजों पर अमेरिकी सैनिकों ने सवार होकर जांच की. अमेरिकी कमांड का कहना है कि ये कदम ईरान के खिलाफ लागू की जा रही नौसैनिक नाकाबंदी का हिस्सा हैं.

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की ओर से कभी-कभार ड्रोन के जरिए हमले किए जाते हैं, लेकिन उन्होंने इसे फिलहाल बड़ी चुनौती के बजाय परेशानी पैदा करने वाली गतिविधि बताया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए.

बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ औपचारिक बातचीत भविष्य में फिर शुरू हो सकती है. हालांकि, उनका कहना है कि फिलहाल स्थिति उनके नजरिए से काफी बेहतर है. ऐसे में सैन्य दबाव के साथ बातचीत की संभावना भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.

कैसे बिगड़े अमेरिका-ईरान के रिश्ते?

मौजूदा तनाव की शुरुआत 28 फरवरी को हुई, जब ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की घोषणा की थी. इसके बाद अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान में सैन्य ठिकानों के साथ-साथ सरकारी और बुनियादी ढांचे से जुड़े स्थानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आईं. जून में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच युद्ध खत्म करने और तनाव कम करने को लेकर बातचीत भी शुरू हुई थी. हालांकि, इसके बावजूद सैन्य कार्रवाई पूरी तरह थमी नहीं. इसी वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब इस पूरे टकराव का सबसे संवेदनशील मोर्चा बन गया है.


ये भी पढ़ें: ‘ईरान का साथ दिया तो…’ डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को दी सीधी चेतावनी


होर्मुज की अहमियत सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है और यहां से बड़ी मात्रा में तेल का कारोबार होता है. इसलिए इस रास्ते पर किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.

-भारत एक्सप्रेस



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