India Pakistan Conflict: पहले अमेरिका और अब चीन… चीव ने दावा किया है कि उसने इस साल भारत-पाकिस्तान के बीच हुए टकराव में मध्यस्थता की. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में एक संगोष्ठी के दौरान कहा कि भारत-पाकिस्तान तनाव उन हॉटस्पॉट मुद्दों में शामिल था जिनमें चीन ने मध्यस्थता की है.
वांग यी का बयान
वांग ने कहा कि इस साल दूसरे विश्व युद्ध के बाद से सबसे ज्यादा स्थानीय युद्ध और सीमा पार संघर्ष भड़के हैं. उन्होंने कहा कि चीन ने लंबे समय तक शांति कायम करने के लिए निष्पक्ष और सही रुख अपनाया है. वांग ने बताया कि चीन ने उत्तरी म्यांमार, ईरानी परमाणु मुद्दा, भारत-पाकिस्तान तनाव, फिलिस्तीन-इजरायल विवाद और कंबोडिया-थाईलैंड संघर्ष में मध्यस्थता की है.
पुलवामा हमले का जवाब
वांग की यह टिप्पणी उस आतंकी हमले के महीनों बाद आई है जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ था. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी इलाके को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान के कई आतंकी कैंपों और एयर बेस को ध्वस्त किया.
भारत ने तीसरे पक्ष को किया खारिज
भारत ने हमेशा कहा है कि पाकिस्तान के साथ हुए चार दिन के टकराव को किसी बाहरी शक्ति की दखलंदाजी के बिना, सीधे मिलिट्री-टू-मिलिट्री बातचीत से सुलझाया गया. विदेश मंत्रालय ने 13 मई को प्रेस ब्रीफिंग में साफ कहा था कि 10 मई 2025 को दोनों देशों के DGMOs ने फोन पर बातचीत कर सीजफायर कायम किया. भारत ने बार-बार दोहराया है कि भारत-पाक मामलों में किसी तीसरे पक्ष की कोई गुंजाइश नहीं है.
चीन की भूमिका पर सवाल
हालांकि चीन मध्यस्थता का दावा करता रहा लेकिन ऑपरेशन सिंदूर में उसकी भूमिका पर सवाल उठे. चीन पाकिस्तान को हथियार सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश है और उसके मिलिट्री इक्विपमेंट का 81 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा चीन से आता है. इस टकराव में पाकिस्तान ने बड़ी मात्रा में चीनी हथियारों का इस्तेमाल किया.
अमेरिकी रिपोर्ट का खुलासा
अमेरिका की कांग्रेस की एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान चीन के आधुनिक हथियारों का पहली बार असली युद्ध में इस्तेमाल हुआ. इसमें HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम, PL-15 एयर-टू-एयर मिसाइल और J-10 फाइटर जेट शामिल थे. रिपोर्ट के अनुसार चीन ने पाकिस्तान को भारतीय सेना से जुड़े लाइव इनपुट भी दिए.
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भारतीय सेना की प्रतिक्रिया
भारतीय वायुसेना ने चीन की PL-15 मिसाइल को भारतीय सीमा के भीतर मार गिराया, जो भारत को नुकसान पहुंचाने में नाकाम रही. भारतीय अधिकारियों ने आरोप लगाया कि चीन ने इस संघर्ष को अपने रणनीतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए ‘लाइव लैब’ की तरह इस्तेमाल किया और पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर सपोर्ट दिया.
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-भारत एक्सप्रेस
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