Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

परमाणु युद्ध की कगार पर भारत-पाक! अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का डरावना दावा- कभी भी भड़क सकती है चिंगारी

India Pakistan Nuclear War Threat: भारत और पाकिस्तान के बीच कभी भी परमाणु युद्ध की चिंगारी भड़क सकती है. दोनों देशों के बीच आतंकवादी तत्व इस तनाव को और बढ़ा रहे हैं. यह जानकारी बुधवार को अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने दी.

India Pakistan Nuclear War Threat

India Pakistan Nuclear War Threat: भारत और पाकिस्तान के बीच कभी भी परमाणु युद्ध की चिंगारी भड़क सकती है. दोनों देशों के बीच आतंकवादी तत्व इस तनाव को और बढ़ा रहे हैं. यह जानकारी बुधवार को अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने दी.

अमेरिकी सीनेट में ‘ऐनुअल थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट’ सार्वजनिक करते हुए अमरिकी इंटेलिजेंस कम्यूनिटी ने बताया कि भारत और पाकिस्तान खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध के मैदान में नहीं आना चाहते हैं, लेकिन ऐसी कई परिस्थितियां बन रही हैं, जिनसे दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ रहा है.

आतंकवादी तत्व लगातार पैदा कर रहे संकट

34 पन्नों की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों देशों के बीच आतंकवादी तत्व लगातार संकट पैदा करने वाले हालात बना रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक अतीत में जब भी इन दोनों देशों के बीच संघर्ष की स्थिति बनी है, तब-तब परमाणु युद्ध होने का खतरा पैदा हुआ है.

इस रिपोर्ट में पहलगाम हमले के बारे में भी जानकारी दी गई है. जिसके मुताबिक साल 2025 में जब भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, तब दोनों देशों के बीच भयंकर संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई. इससे यह दावा और मजबूत हुआ है कि आतंकवादी तत्व दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा रहे हैं.

ऑपरेशन सिंदूर के समय गिड़गिड़ाने लगा था पाकिस्तान

पहलगाम हमले को लेकर भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान हिल गया था. वह अमेरिका से गिड़गिड़ाते हुए इस ऑपरेशन को रोकने की गुहार लगाई थी. ये जानकारी साल 2026 में सार्वजनिक हुए अमेरिकी FARA दस्तावेजों में दी गई है.

ये भी पढ़ें- सर्राफा बाजार में भूचाल! चांदी क्रैश, सोना भी गिरा; क्या मार्केट में कुछ बड़ा होने वाला है?

रिपोर्ट के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तानी राजदूत और उसके लॉबिंग फर्मों ने अमेरिकी अधिकारियों, सांसदों, पेंटागन और स्टेट डिपार्टमेंट से 60-66 बार संपर्क किया था. वे भारत की कार्रवाई को किसी भी तरह से रोकने की गुजारिश कर रहे थे. पाकिस्तान सरकार हर हाल में अमेरिका की मध्यस्थता से सीजफायर कराने की गुहार लगा रही थी. इसके लिए उसने 45 करोड़ रुपये सिर्फ लॉबिंग पर खर्च किये थे.

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका ने इस संघर्ष को रोकने के लिए सीधी मध्यस्थता नहीं की थी और ना ही भारत ने कोई मदद की मांग की थी.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital