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‘न पीछे हटेंगे, न सिर झुकाएंगे…’ ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान का अमेरिका-इजरायल को कड़ा संदेश

Iran US War: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया है. जानिए ईरान-अमेरिका तनाव, 48 घंटे में कब्जे के दावे और ट्रंप के बयान की पूरी कहानी.

Iran US War: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने साफ कर दिया है कि उनका देश दबाव में झुकने वाला नहीं है. शुक्रवार, 7 अगस्त को ईरानी सरकारी टीवी पर प्रसारित एक इंटरव्यू में पेजेशकियान ने कहा कि यह युद्ध ईरान ने शुरू नहीं किया था. उनके मुताबिक, संघर्ष से पहले उनकी सरकार बातचीत के जरिए विवाद का हल निकालने की कोशिश कर रही थी, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते चले गए.

पेजेशकियान ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल को उम्मीद थी कि सैन्य दबाव और लगातार हमलों से ईरान कमजोर पड़ जाएगा और देश के भीतर अस्थिरता पैदा हो जाएगी. हालांकि, उनका कहना है कि ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि तमाम मुश्किलों के बावजूद ईरान आज भी मजबूती से खड़ा है और आने वाले समय में पहले से ज्यादा ताकतवर होकर उभरेगा.

’48 घंटे में ईरान पर कब्जे की थी तैयारी’

ईरानी राष्ट्रपति ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके विरोधियों ने सीरिया जैसे हालात पैदा कर ईरान पर महज 48 घंटे में कब्जा करने की योजना बनाई थी. लेकिन ईरान की सैन्य क्षमता और प्रतिरोध ने इस योजना को सफल नहीं होने दिया.

उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात ने यह साबित कर दिया है कि ईरान को सैन्य दबाव के जरिए आसानी से अस्थिर नहीं किया जा सकता. पेजेशकियान ने इस दौरान मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील भी की. उनका कहना था कि अगर मुस्लिम देश साथ खड़े रहें तो बाहरी चुनौतियों और साजिशों का ज्यादा मजबूती से सामना किया जा सकता है.

मोजतबा खामेनेई पर भी बोले पेजेशकियान

इंटरव्यू के दौरान पेजेशकियान ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उनसे बातचीत करना काफी मुश्किल है. हालांकि, उन्होंने मोजतबा खामेनेई की मौजूदगी को देश की एक बड़ी ताकत बताया.

मोजतबा खामेनेई के सर्वोच्च नेता बनने के बाद से वह सार्वजनिक तौर पर बेहद कम नजर आए हैं. इसके पीछे सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कारण बताए जाते हैं. इससे पहले अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हुई थी, जिसके बाद उनके बेटे मोजतबा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई.


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ट्रंप ने भी दिए थे युद्ध खत्म होने के संकेत

पेजेशकियान का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अगस्त को उम्मीद जताई थी कि ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. उन्होंने अमेरिकी सेना के सामने कुछ हथियारों की आपूर्ति से जुड़ी परेशानियों का भी जिक्र किया था.

फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों से साफ है कि टकराव खत्म करने को लेकर तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है. ईरान जहां पीछे हटने से इनकार कर रहा है, वहीं अमेरिका की ओर से भी दबाव और बातचीत दोनों के संकेत मिल रहे हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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