ईरान ने उड़ते अमेरिकी फाइटर जेट्स पर दागी सैयद-3 जैसी खतरनाक मिसाइल
Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच जंग का अबतक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है. जिस दावे के साथ डोनाल्ड ट्रंप इस युद्ध में कूदे थे वहां से अबतक उन्हें सिर्फ नुकसान ही मिला है. इसी बीच ईरान ने एक ऐसी मिसाइल दागी है जिसने अमेरिका और इजरायल को टेंशन में डाल दिया है. बड़ी बात ये है कि जिस जगह से ये मिसाइल डेटोनेट की गई वहां कुछ मिनट पहले ही अमेरिकी नौसेना के फाइटर जेट्स देखे गए थे.
यह घटना सामने आने के बाद अमेरिका खौफ में आ गया. हालांकि ईरान की ये मिसाइल क्या अमेरिका के किसी फाइटर जेट या ड्रोन को मार गिराई है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने ये मिसाइल हमला केश्म द्वीप (Qeshm Island) से किया. जिसे मिसाइल सिटी के नाम से जाना जाता है. बताया जा रहा है कि ईरान ने यहीं से अपनी सहत से हवा में मार करने वाली सैयद 3 मिसाइल दागी थी. ईरान के मुताबिक उसने सैयद 3 मिसाइल का उपयोग कर एक संभावित हवाई लक्ष्य को निशाना बनाया.
Iran plans to upgrade all missiles, incl land & naval missiles, to hit targets farther from Iran’s shores.
Iran’s Army Spokesman said, “In this war, we came to the conclusion that we definitely need to increase the range of our missiles, and we have now moved in that direction.”
He says Iran has done very good work in terms of missile speed and precision-strike capability, and future generations of missiles will possess these capabilities to an even greater extent.
He says while the missiles that were used against US bases such as in Kuwait or against US assets in the sea were very good and effective, they have now concluded that Iran needs to increase their speed and range, because today the enemy is positioned farther away from Iran’s shores, at distances of up to 1,000 kilometers.
— Arya Yadegaar (@AryJeayBackup) October 4, 2026
अमेरिकी लड़ाकू विमानों को बनाया निशाना?
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक मिसाइल लॉन्च होने से कुछ मिनट पहले के ऊपर अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान देखे गए थे. जिसके बाद यह अटकलें शुरू हो गईं कि क्या ईरान अमेरिका के सैन्य ठिकानों की निगरानी कर रहा है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिकी लड़ाकू विमानों को ट्रैक कर रहा है. हालांकि इन सवालों का अभी तक किसी भी पक्ष ने जवाद नहीं दिया है. ईरान ने अभी तक जिस टारगेट को निशाना बनाने का दावा किया है, उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है.
खुरदाद 15 एयर डिफेंस सिस्टम का हिस्सा
सैयद 3 मिसाइल को ईरान के खुरदाद 15 एयर डिफेंस सिस्टम का हिस्सा बताया जाता है. खुरदाद 15 सिस्टम करीब 150 किलोमीटर तक के लक्ष्य का पता लगा सकता है. वहीं सैयद तीन की मारक क्षमता करीब 120 किलोमीटर बताई जाती है.
ईरान ने इस सिस्टम को लड़ाकू विमानों समेत दूसरे हवाई खतरों से निपटने के लिए बनाया गया है. हालांकि खुरदाद 15 एयर डिफेंस सिस्टम ने किसी अमेरिकी एयरक्राफ्ट को निशाना बनाया है, इसकी जानकारी अमेरिका की तरफ से भी नहीं दी गई है.
अमेरिका-ईरान जंग में ढाया था कहर
ईरान के इस एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिका के साथ जंग में गजब भूमिका निभाई थी. इसकी मदद से ईरान ने कई लड़ाकू विमान समेत दूसरे हवाई खतरों को खत्म किया था. हालांकि अमेरिका ने दावा किया था कि उसके हवाई हमलों ने ईरान के कई एयर डिफेंस क्षमताओं को तबाह कर दिया था. लेकिन अब सैयद 3 मिसाइल फायरिंग ने ट्रंप के माथे पर चिंता की नई लकीर खींच दी है.
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खुरदाद 15 एयर डिफेंस सिस्टम के इस्तेमाल ने यह संकेत दिया है कि ईरान अभी भी अपने लंबी दूरी की कुछ एयर डिफेंस क्षमताओं को बचाकर रखा है. या फिर हो सकता है कि उन्हें फिर से ऑपरेशन में लाया गया हो.
-भारत एक्सप्रेस
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