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‘ट्रंप को मारना चाहता है ईरान…’, जंग के बीच इजरायली PM नेतन्याहू का बड़ा दावा, खुद को बताया ‘जूनियर पार्टनर’

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने किया बड़ा खुलासा—ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की रची थी साजिश. जानिए क्यों बना ट्रंप ईरान का दुश्मन नंबर एक और कैसे इजरायल कर रहा है जवाबी तैयारी.

Israel Iran conflict

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जंग के बीच एक चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की योजना बनाई थी. इसके पीछे वजह यह थी कि ट्रंप ने ईरान की परमाणु गतिविधियों का कड़ा विरोध किया था.

ट्रंप को बताया तेहरान का दुश्मन नंबर एक

एक इंटरव्यू के दौरान नेतन्याहू ने ट्रंप को “तेहरान का दुश्मन नंबर एक” बताया. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने हमेशा ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की पूरी कोशिश की.

ईरान के खिलाफ ट्रंप का कड़ा रुख

नेतन्याहू ने बताया कि ट्रंप ने कभी ईरान से समझौते के लिए दबाव में आकर कोई ढील नहीं दी. उन्होंने ईरान के यूरेनियम संवर्धन को गंभीर खतरा माना और इसी वजह से 2015 की परमाणु डील से अमेरिका को बाहर निकाल लिया. नेतन्याहू ने यह भी याद दिलाया कि ट्रंप ने ईरान के टॉप कमांडर कासिम सुलेमानी को भी मार गिराया था. उन्होंने कहा, “ट्रंप ने साफ कर दिया था कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दिए जाएंगे. यही कारण है कि ईरान उन्हें खत्म करना चाहता था.”

खुद नेतन्याहू भी थे निशाने पर

इजरायली प्रधानमंत्री ने दावा किया कि ट्रंप के साथ-साथ वे खुद भी ईरान के निशाने पर थे. उन्होंने कहा कि यह सब उन नेताओं के खिलाफ अभियान का हिस्सा था. इसके साथ ही नेतन्याहू ने ईरान को न्यूक्लियर वैपन हासिल करने से रोकने की कोशिश में खुद को ट्रंप का ‘जूनियर पार्टनर’ बताया है.

खुद को बताया ‘जूनियर पार्टनर’

नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि इजरायल को ईरान से दोहरे खतरे का सामना करना पड़ रहा है. पहला, ईरान अपने यूरेनियम को तेजी से परमाणु बम में बदलने में लगा है. दूसरा, वह सालाना हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें बना रहा है. उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में ईरान के पास 20,000 से ज्यादा मिसाइलें हो सकती हैं. इनमें से हर एक एक टन वजनी हो सकती है. उन्होंने कहा कि इजरायल जैसे छोटे देश के लिए यह गंभीर खतरा है.

ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई ही आखिरी विकल्प

नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि अब कूटनीति विफल हो चुकी है, उन्होंने कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई केवल अपनी रक्षा के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी जरूरी है. उनके अनुसार, ईरान के साथ बातचीत बेकार साबित हो रही है और अब इजरायल मजबूरी में आगे की बड़ी कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने दावा किया कि इजरायली कार्रवाई से ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को काफी पीछे धकेला गया है.

-भारत एक्सप्रेस 



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