भारत में हाल ही में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कई जासूसी मामलों ने खलबली मचा दी है। इन मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दुश्मन अब सीमा पर नहीं, हमारे ही बीच में मौजूद है — सोशल मीडिया के ज़रिए, हनीट्रैप के ज़रिए, और डिजिटल नेटवर्क्स के ज़रिए। यहां भारत में सामने आए ISI से जुड़े कुछ प्रमुख जासूसी मामलों की विस्तृत सूची दी जा रही है.
1. नौमान इलाही (पानीपत, हरियाणा – मई 2025)
उत्तर प्रदेश के कैराना निवासी 24 वर्षीय सुरक्षा गार्ड नौमान इलाही को हरियाणा के पानीपत में गिरफ्तार किया गया। वह एक फैक्ट्री में कार्यरत था और आरोप है कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की गतिविधियों की जानकारी ISI को व्हाट्सएप के ज़रिए लीक की। जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप हुआ था और उसका संपर्क पाकिस्तानी हैंडलर इकबाल काना से था।
2. मोहम्मद मुर्तजा अली (जालंधर, पंजाब – मई 2025)
भर्गव कैंप क्षेत्र, जालंधर में गिरफ्तार किया गया मुर्तजा अली, मोबाइल ऐप के माध्यम से ISI को संवेदनशील जानकारी लीक कर रहा था, खासकर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान।
3. रिजाज बी. शीबा सिद्दीक (नागपुर, महाराष्ट्र – मई 2025)
केरल के एर्नाकुलम निवासी सिद्दीक को नागपुर से गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि वह ISI से जुड़े एक माओवादी संगठन के जरिए जम्मू-कश्मीर की आज़ादी की साजिश में शामिल था। उस पर UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है, और उसके घर से डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए।
4. सतेंद्र सिवाल (उत्तर प्रदेश – फरवरी 2024)
मॉस्को में भारतीय दूतावास में कार्यरत सिवाल को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में यूपी में गिरफ्तार किया गया। उसने सोशल मीडिया पर एक महिला के ज़रिए हनीट्रैप में फँसकर संवेदनशील जानकारी लीक की थी।
5. पठान खान (जैसलमेर, राजस्थान – मई 2025)
राजस्थान खुफिया विभाग ने पठान खान को ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। वह कई वर्षों से ISI को भारत-पाक सीमा सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी दे रहा था।
6. प्रदीप कुरुलकर (चांदीपुर, ओडिशा – मई 2023)
DRDO के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर को भारतीय रक्षा क्षेत्र की महत्वपूर्ण जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह एक पाकिस्तानी महिला जासूस के संपर्क में व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर था।
ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि भारत के खिलाफ छेड़ा गया युद्ध अब डिजिटल और मनोवैज्ञानिक स्तर पर लड़ा जा रहा है। हमें सतर्क रहना होगा — केवल सीमाओं की नहीं, बल्कि अपने विचारों, मोबाइल फोन, और नेटवर्क की भी रक्षा करनी होगी।
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




