Israel Somaliland Plan: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल ने एक और बड़ा कूटनीतिक धमाका कर दिया है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अफ्रीका के मुस्लिम बहुल देश सोमालिया के अलग हुए क्षेत्र सोमालीलैंड को आधिकारिक तौर पर एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दे दी है. इजरायल दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है, जिसने यह कदम उठाया है. इस फैसले के बाद जहां सोमालीलैंड में जश्न का माहौल है, वहीं अरब और अफ्रीकी देशों में गुस्सा फूट पड़ा है.
इजरायल की इस हरकत पर अरब जगत भड़क गया है. सऊदी अरब, कतर और 21 अन्य अरब, इस्लामिक व अफ्रीकी देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इजरायल के इस फैसले की कड़ी निंदा की है.
अरब के देशों का बयान (Israel vs Arab World)
सऊदी ने दो टूक कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है. रियाद ने सोमालिया की संप्रभुता का समर्थन करते हुए वहां किसी भी समानांतर सरकार या अलग देश के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. कतर ने भी इसे सोमालिया की एकता पर हमला बताया है.
क्या है इजरायल का प्लान? (Why Israel recognized Somaliland)
सोमालीलैंड, सोमालिया का एक उत्तरी हिस्सा है जिसने 1991 में खुद को आजाद घोषित कर दिया था, लेकिन अब तक किसी भी देश ने उसे मान्यता नहीं दी थी. नेतन्याहू ने घोषणा की है कि इजरायल अब सोमालीलैंड के साथ कृषि, स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएगा. जानकारों का मानना है कि इजरायल ने यह कदम अफ्रीका में अपनी पकड़ मजबूत करने और तुर्की जैसे देशों के प्रभाव को कम करने के लिए उठाया है.
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दो फाड़ में बटी दुनिया (Somaliland Israel relations)
इस फैसले से ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ में तनाव बढ़ने की आशंका है. एक तरफ सोमालीलैंड खुश है तो दूसरी तरफ मुख्य सोमालिया सरकार और उसके समर्थक अरब देश इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला मान रहे हैं. खैर अब आगे देखना होगा कि इजरायल के इस कदम का क्या असर होने वाला है?
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