इटली में फिर भड़का विरोध प्रदर्शन
Italy Protests: इटली में जारी विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. शनिवार शाम भी देश के कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महंगाई, सेना पर बढ़ते खर्च और सैन्य विस्तार के खिलाफ आवाज उठाई. हालात कई जगह इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आमना-सामना हो गया.
बोलोग्ना में प्रदर्शन हुआ उग्र
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोलोग्ना में प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई. इटली के प्रमुख अखबार ‘कोरिएरे डेला सेरा’ ने बताया कि घटनाओं के बाद आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के पास कुल 17 कॉल पहुंचीं. इनमें से छह लोगों की स्थिति ऐसी थी कि उन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाना पड़ा.
रोम में युद्ध-विरोधी मार्च के बाद बिगड़े हालात
समाचार एजेंसी एएनएसए के मुताबिक, राजधानी रोम में शनिवार दोपहर प्रदर्शनकारियों ने पियाजा डेला रिपब्लिका से युद्ध विरोधी रैली निकाली. जैसे-जैसे दिन ढला, शहर के केंद्रीय हिस्से में माहौल तनावपूर्ण होता गया और पुलिस के साथ झड़पें शुरू हो गईं. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षा बलों ने पानी की तेज बौछारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया.
ट्यूरिन में भी हुआ बवाल
ट्यूरिन शहर में भी विरोध प्रदर्शन के दौरान तनाव देखने को मिला. यहां प्रदर्शनकारियों का गुस्सा मुख्य रूप से बढ़ते रक्षा बजट और ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर था. कुछ लोगों ने पुलिस की ओर पटाखे और बोतलें फेंकीं, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आंसू गैस छोड़कर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की.
पिछले हफ्ते भी हिंसक हुए थे प्रदर्शन
दरअसल, बीते सप्ताहांत भी इटली के कई शहरों में प्रदर्शन हुए थे. खासकर मिलान में हालात काफी बिगड़ गए थे, जहां हिंसा और लूटपाट की घटनाएं सामने आई थीं. इसके बाद देश के गृह मंत्री माटेओ पियान्टेदोसी ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का फैसला लिया था. उन्होंने पूरे देश में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के आदेश दिए थे. विशेष रूप से उन शहरों में सुरक्षा बढ़ाई गई, जहां बड़े स्तर पर रैलियों और प्रदर्शनों की संभावना जताई गई थी.
प्रधानमंत्री मेलोनी ने हिंसा की आलोचना की
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शनिवार शाम सोशल मीडिया के जरिए इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हिंसा किसी भी स्थिति का समाधान नहीं हो सकती और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाना जरूरी है.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन का किया समर्थन
मेलोनी ने अपने संदेश में कहा कि उन लोगों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जो शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना चाहते हैं. साथ ही काम पर जाने वाले लोगों और आम नागरिकों को भी सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए ताकि वे बिना डर के अपने शहरों में रह सकें.
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हिंसा फैलाने वालों के लिए नहीं होनी चाहिए जगह
प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि समाज में ऐसे लोगों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए, जिनका उद्देश्य केवल टकराव पैदा करना और हिंसक माहौल बनाना हो. उन्होंने शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की.
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-भारत एक्सप्रेस
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