Marco Rubio India Visit: भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो (Marco Rubio) ने एक ऐसा बेबाक बयान दिया है, जिससे वैश्विक मंच पर भारत विरोधी ताकतों और हमेशा दूसरों के मामलों में टांग अड़ाने वाले पश्चिमी संगठनों को करारा झटका लगा है. भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठकों के बाद, जब रूबियो से भारत में हुए कुछ विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक हलचल पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कह दिया कि यह भारत का आंतरिक मामला है और वे इसमें कोई दखल नहीं देंगे.
दिल्ली प्रोटेस्ट पर क्या बोले रूबियो?(Marco Rubio India Visit)
भारत में चल रहे आंदोलनों और उस पर यूएन (UN) के तथाकथित विशेषज्ञों की आलोचनात्मक टिप्पणियों पर जब मार्को रूबियो से राय मांगी गई, तो उन्होंने हंसते हुए यूएन एक्सपर्ट्स की जमकर खिल्ली उड़ाई. अमेरिकी विदेश मंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि ‘यूएन एक्सपर्ट्स… वे मेरे सबसे पसंदीदा हैं, लेकिन यूएन एक्सपर्ट्स होना अपने आप में ही एक विरोधाभास है.’
रूबियो ने साफ किया कि भारत एक मजबूत और जीवंत लोकतंत्र है, जहाँ चुनाव होते हैं, राजनीतिक चर्चाएं होती हैं और लोग अपनी बात रखते हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि वे भारतीय राजनीति में दखलअंदाजी नहीं करने वाले हैं, क्योंकि अमेरिका में भी हर रोज प्रदर्शन होते हैं.
यूरोप की हिंसा पर भी साधा निशाना
यूरोप के देशों में हाल ही में भड़की हिंसक घटनाओं और तोड़फोड़ का हवाला देते हुए मार्को रूबियो ने कहा कि प्रदर्शनों और दंगों में जमीन-आसमान का फर्क होता है. उन्होंने कहा कि ‘मैं उन दंगों की बात नहीं कर रहा, जैसा आप यूरोप में देख रहे हैं जहाँ इमारतों को तोड़ा जा रहा है और जलाया जा रहा है. भारत में लोगों का सड़कों पर आकर अपनी राय रखना इस बात का सबूत है कि वहाँ एक स्वस्थ राजनीतिक चर्चा और लोकतंत्र जिंदा है.
वहीं क्यूबा का उदाहरण देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि जिन देशों में तानाशाही होती है, वहाँ विपक्ष का गला घोंट दिया जाता है, लेकिन भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था इसके बिल्कुल उलट है.
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भारत-अमेरिका रिश्तों में एक नया मील का पत्थर
मार्को रूबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील, क्वाड (QUAD) और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गहन बातचीत चल रही है. अमेरिकी विदेश मंत्री के इस स्पष्ट और परिपक्व रुख ने यह साबित कर दिया है कि वाशिंगटन अब भारत की संप्रभुता और आंतरिक मामलों (Marco Rubio India Visit) का पूरा सम्मान कर रहा है. बिना किसी दबाव के भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की खुलकर तारीफ करना यह बताता है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में अब भारत की शर्तों और वजन को अमेरिका ने पूरी तरह स्वीकार कर लिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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