US Israel Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत नहीं खोला गया, तो अगले 48 घंटों में ईरान पर भीषण कहर बरपेगा. 6 अप्रैल को 10 दिनों के युद्ध टालने की डेडलाइन समाप्त हो रही है. इस बीच, ट्रंप ने दावा किया है कि तेहरान में एक गुप्त ऑपरेशन के दौरान कई शीर्ष ईरानी सैन्य अधिकारी मारे गए हैं. वहीं, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के कोहगिलुयेह और बोयेर-अहमद प्रांत के ‘ब्लैक माउंटेन’ क्षेत्र पर भारी बमबारी की है, जिसमें अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
परमाणु प्लांट पर हमले से भड़का ईरान (us iran israel war tension)
बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हुए हमले ने आग में घी डालने का काम किया है. ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि हमले नहीं रुके, तो इसके परिणाम वैश्विक होंगे. उन्होंने कहा कि परमाणु ठिकानों पर हमले से रेडियोएक्टिव रिसाव हो सकता है, जिसका असर एक बड़े क्षेत्र पर पड़ेगा. अराघची ने पश्चिमी देशों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है.
वैश्विक कूटनीति में खलबली (us iran israel war update)
ईरान ने दावा किया है कि 28 फरवरी से अब तक उसकी 30 यूनिवर्सिटीज को निशाना बनाया गया है. वहीं, अर्जेंटीना ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान के टॉप डिप्लोमेट को देश से बाहर निकाल दिया है. युद्ध की आग लेबनान तक पहुँच चुकी है, जहाँ इजराइली हमलों में अब तक 1422 लोगों की जान जा चुकी है. हूतियों ने भी इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा कर तनाव को और बढ़ा दिया है.
भारत ने उठाया बड़ा कदम
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट्स पर हमले जारी रहेंगे और अगले हफ्ते ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है. इस महासंकट के बीच, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 7 साल बाद ईरान से तेल आयात शुरू कर दिया है. भारत ने ईरान से 44 हजार मीट्रिक टन LPG भी खरीदी है. साथ ही, सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत 345 भारतीय मछुआरे आर्मेनिया के रास्ते चेन्नई पहुंच चुके हैं.
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महायुद्ध का 37वां दिन यह संकेत दे रहा है कि कूटनीति के रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं. ट्रंप का अल्टीमेटम और बुशहर प्लांट पर मंडराता खतरा इस बात की तस्दीक करता है कि यदि 48 घंटे के भीतर कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो 6 अप्रैल की डेडलाइन के बाद पूरी दुनिया एक भयावह सैन्य टकराव की गवाह बनेगी.
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