US Israel Iran Conflict: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर नई अटकलें सामने आई हैं. वजह है रूस का सबसे सुरक्षित विमान Tu‑214PU जिसे मॉस्को से तेहरान भेजा गया और कुछ ही घंटों बाद यह बीजिंग पहुंच गया. फ्लाइटरडार 24 के मुताबिक इस विमान की लोकेशन ट्रैक करना लगभग असंभव है और इसे मिसाइल से गिराना भी बेहद मुश्किल है.
ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कहा था कि मोजतबा का शरीर 90 प्रतिशत तक खराब हो चुका है. फरवरी 2026 में अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद से उन्हें सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा गया. यहां तक कि उनके पिता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भी मोजतबा मौजूद नहीं थे.
कुवैती रिपोर्ट और मॉस्को का खतरा
मार्च 2026 में एक कुवैती अखबार ने रिपोर्ट दी थी कि मोजतबा को इलाज के लिए मॉस्को ले जाया गया था. उसके बाद उनके स्वास्थ्य पर कोई जानकारी सामने नहीं आई. अब जबकि मॉस्को लगातार यूक्रेन के हमलों की चपेट में है वहां रहना सुरक्षित नहीं माना जा रहा.
चीन क्यों बना ठिकाना?
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस वक्त मोजतबा के लिए सबसे सुरक्षित जगह है. चीन से डेटा निकालना बेहद कठिन है और वहां अमेरिकी या इजरायली खुफिया एजेंसियों की पकड़ कमजोर है. यही वजह है कि उनके बीजिंग शिफ्ट होने की चर्चा तेज हो गई है.
अमेरिका‑ईरान तनाव भी कारण
ईरान और अमेरिका के बीच फिर से टकराव बढ़ गया है. ईरान को डर है कि उसके सुप्रीम लीडर को निशाना बनाया जा सकता है. ऐसे में चीन जैसे भरोसेमंद देश में शिफ्ट होना रणनीतिक कदम माना जा रहा है.
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चीन‑ईरान की नजदीकी
हाल के वर्षों में चीन ने ईरान को आर्थिक मदद दी है और हथियारों के पुर्जे भी सप्लाई किए हैं. यही कारण है कि बीजिंग को ईरान का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता है. हालांकि, ईरान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मोजतबा या रूसी विमान को लेकर कोई बयान नहीं दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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