म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया.
Earthquake in Myanmar: भारत के पड़ोसी देश म्यांमार और थाईलैंड 7.7 तीव्रता के भूकंप से थर्रा उठे. अकेले म्यांमार में भूकंप ने 100 से ज्यादा लोगों की जान ले ली. वहां 700 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. विनाशकारी भूकंप के झटकों से वहां सैकड़ों इमारतें ढह गईं और सड़कों में दरारें आ गईं.
आपदा के बाद म्यांमार की सैन्य सरकार अब बचाव एवं राहत कार्य में जुटी है. म्यांमार की सैन्य सरकार (जुंटा) के प्रमुख ने बताया कि भूकंप के चलते अब तक 144 लोगों की मौत हो चुकी है और 732 लोग घायल हुए हैं. ये आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

सेना, पुलिस और बचाव दलों का अभियान
भूकंप के बाद मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए सेना, पुलिस और बचाव दल सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. अधिकारी मानते हैं कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग मलबे में दबे हुए हैं. भूकंप का असर म्यांमार के अलावा भारत, बांग्लादेश, थाईलैंड और दक्षिण-पश्चिम चीन में भी देखा गया.

म्यांमार के पड़ोसी थाईलैंड में भी तबाही
म्यांमार के साथ ही थाईलैंड में भी भूकंप का खौफनाक असर देखा गया. वहां राजधानी बैंकॉक में एक निर्माणाधीन 30 मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें 400 लोग काम कर रहे थे. इस हादसे में 80 लोग लापता हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हो गई है. थाईलैंड की प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा ने देश में इमरजेंसी घोषित कर दी है.

आफ्टरशॉक ने लोगों में दहशत बढ़ाई
भूकंप के 12 मिनट बाद एक और 6.4 तीव्रता का आफ्टरशॉक आया, जिसने लोगों को और अधिक घबराहट में डाल दिया. भारत के विभिन्न हिस्सों जैसे कोलकाता, इंफाल, मेघालय और ईस्ट कार्गो हिल में भी इस भूकंप के झटके महसूस किए गए. यह भूकंप म्यांमार के साथ-साथ अन्य देशों में भी तबाही का कारण बना है.
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे की चेतावनी
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, इस भूकंप से होने वाली मौतों की संख्या को रेड कैटेगरी में रखा गया है, जिसमें 10,000 से 1 लाख मौतें हो सकती हैं. इसकी संभावना 34% जताई गई है. बहरहाल, बचाव अभियान जारी है, और मृतकों और घायलों की संख्या में बढ़ोतरी की आशंका है.
पूरी दुनिया इस भयावह आपदा से प्रभावित लोगों के प्रति सहानुभूति और समर्थन दिखा रही है.
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