नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री KP Sharma Oli लंबे समय बाद जनता के बीच नजर आए. शनिवार को वे पार्टी के छात्र संगठन राष्ट्रीय युवा संघ के कार्यक्रम में भक्तपुर पहुंचे. 9 सितंबर को इस्तीफा देने के बाद ये उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी. उस दिन भारी प्रदर्शन और हिंसा के चलते उन्हें हेलिकॉप्टर से पीएम हाउस से रेस्क्यू किया गया था.
क्यों हुआ था आंदोलन?
ओली को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था जब भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवाओं ने सड़कों पर उतरकर Gen-Z क्रांति शुरू की. इस आंदोलन ने पूरे देश को हिला दिया था. प्रदर्शनकारियों पारदर्शिता, भ्रष्टाचार का अंत और अभिव्यक्ति की आज़ादी की मांग थी. लेकिन हालात इतने बिगड़ गए कि एक ही दिन में 21 छात्रों की मौत हो गई. अगले दिन 39 और लोग मारे गए जिनमें 15 जलने से जान गंवा बैठे. दस दिनों में कुल 74 लोगों की मौत हो चुकी थी.
ओली को देना पड़ा था इस्तीफा
ओली ने इस्तीफे के बाद नेपाल आर्मी की सुरक्षा में समय बिताया और फिर एक अस्थायी घर में शिफ्ट हो गए थे. अब पार्टी की बैठक के बाद उन्होंने फिर से सार्वजनिक मंच पर आकर युवाओं से जुड़ने की कोशिश की है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये उनकी प्रासंगिकता बनाए रखने की रणनीति है.
सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाया गया
ओली के जगह पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया है. फिलहाल संसद भंग है और मार्च 2026 में चुनाव होने हैं. लेकिन काठमांडू समेत कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन अभी भी जारी हैं.
इसे भी पढ़ें-BRICS में शामिल होने की कोशिश में फिलिस्तीन, चीन ने दिया समर्थन
लोग इस आंदोलन की तुलना 2006 के जन आंदोलन से कर रहे हैं जिसने नेपाल को राजशाही से गणराज्य में बदल दिया था. अब देखना होगा कि Gen-Z की ये क्रांति नेपाल की राजनीति को किस दिशा में ले जाती है.
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



