Palestine BRICS Membership: फिलिस्तीन ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. उसने BRICS समूह में सदस्यता के लिए औपचारिक आवेदन कर दिया है. BRICS वो ग्रुप है जिसमें दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं. इस ग्रुप में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश हैं. हाल ही में इसमें मिस्त्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई और इंडोनेशिया भी जुड़ चुके हैं.
फिलिस्तीनी राजदूत ने क्या बताया?
रूस में फिलिस्तीनी राजदूत अब्देल हफीज नोफाल ने बताया कि फिलहाल उनका देश अतिथि सदस्य के तौर पर BRICS में शामिल हो सकता है और बाद में पूर्ण सदस्यता की ओर बढ़ेगा. उनका मानना है कि ये शुरुआत है लेकिन इससे फिलिस्तीन को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी.
चीन ने दिया समर्थन
इस आवेदन पर चीन ने खुलकर समर्थन दिया है. बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि BRICS विकासशील देशों के लिए सहयोग का एक अहम मंच है और हम समान विचारधारा वाले देशों का स्वागत करते हैं. चीन का ये बयान फिलिस्तीन के लिए एक बड़ी कूटनीतिक राहत माना जा रहा है.
UNGS में भी समर्थन
दूसरी ओर, फिलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी समर्थन मिल रहा है. कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, पुर्तगाल और ब्रिटेन जैसे देशों ने उसे एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है. हालांकि इजराइल इससे नाराज है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ कहा है कि वे किसी भी हाल में ‘आतंकी राष्ट्र’ को स्वीकार नहीं करेंगे.
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फिलिस्तीन की BRICS में सदस्यता अगर आगे बढ़ती है तो उसे वैश्विक दक्षिण के देशों का समर्थन मिलेगा और उसकी आवाज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और बुलंद होगी. ये कदम फिलिस्तीन की विदेश नीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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