मिडिल-ईस्ट में पिछले पंद्रह दिनों से जारी संघर्ष के बीच अब नॉर्थ कोरिया भी युद्ध जैसी गतिविधियों में शामिल होता दिख रहा है. दरअसल शनिवार को उसने अपने पूर्वी तट से समुद्र की ओर कई मिसाइलें दागीं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
दक्षिण कोरिया और जापान में हड़कंप
दक्षिण कोरिया की सेना और जापान सरकार ने बताया कि नॉर्थ कोरिया ने कुल दस बैलिस्टिक मिसाइलें छोड़ी हैं. इससे पहले 27 जनवरी को भी उसने पूर्वी सागर की दिशा में कई शॉर्ट-रेंज मिसाइलों का परीक्षण किया था.
सैन्य अधिकारियों की जानकारी
एक न्यूज एजेंसी अनुसार, साउथ कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ’ ने कहा कि नॉर्थ कोरिया ने पूर्व की ओर एक अज्ञात वस्तु दागी है, जो संभवतः मिसाइल थी. अधिकारियों ने बताया कि इस लॉन्च को ट्रैक कर लिया गया है.
जापान का क्या कहना है?
जापान सरकार ने भी इस घटना पर नजर रखी और कहा कि नॉर्थ कोरिया की ओर से छोड़ी गई वस्तु बैलिस्टिक मिसाइल हो सकती है. जापान कोस्ट गार्ड ने पुष्टि की कि ये मिसाइलें समुद्र में गिर चुकी हैं और किसी तरह का नुकसान दर्ज नहीं हुआ है.
अमेरिका और साउथ कोरिया का अभ्यास
नॉर्थ कोरिया का यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और साउथ कोरिया ‘फ्रीडम शील्ड’ नामक वार्षिक सैन्य अभ्यास कर रहे हैं. नॉर्थ कोरिया अक्सर इन अभ्यासों का विरोध करता है और इन्हें युद्ध की तैयारी मानता है.
ताकत दिखाने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि नॉर्थ कोरिया का यह मिसाइल परीक्षण अमेरिका और साउथ कोरिया के अभ्यास का जवाब है. यह उसकी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है और पड़ोसी देशों को चेतावनी देने का प्रयास भी है.
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असम में सुरक्षा सतर्कता
इन घटनाओं का असर एशिया के अन्य हिस्सों पर भी पड़ सकता है. असम में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं ताकि किसी भी तरह की अस्थिरता का असर वहां तक न पहुंचे.
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-भारत एक्सप्रेस
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