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मौत का स्क्वीड गेम! उत्तर कोरिया में 3 बच्चों को सरेआम फांसी, जुर्म था वेब सीरीज देखना

North Korea Execution: दक्षिण कोरियाई ड्रामा और म्यूजिक सुनने के चलते उत्तर कोरिया में 3 बच्चों को सरेआम फांसी पर लटका दिया गया. उत्तर कोरिया में साउथ कोरिया के किसी भी ड्रामा या संगीत को देखना या सुनना सबसे बुरा अपराध माना जाता है.

North Korea Execution

North Korea Execution: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की क्रूरता के किस्से तो पूरी दुनिया में मशहूर हैं. चाहे वो अपने ही सैन्य अधिकारियों को तोप से उड़ाने का हो या फिर किसी को सरेआम गोली मारने का आदेश देना. फिर एकबार उत्तर कोरिया से ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक फेमस वेब सीरीज देखने और म्यूजिक सुनने पर तीन बच्चों को सरेआम फांसी पर लटका दिया गया.

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरियाई ड्रामा और म्यूजिक सुनने के चलते उत्तर कोरिया में 3 बच्चों को सरेआम फांसी पर लटका दिया गया. यह रिपोर्ट उन बच्चों के बयान पर आधारित है, जिनके सामने इस घटना को अंजाम दिया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया के यांगगांग प्रांत में कुछ बच्चे साउथ कोरिया की पॉपुलर वेब सीरीज स्क्वीड गेम देख रहे थे. उन्होंने मशहूर k-pop को भी सुना. यह बात वहां के अधिकारियों को पता चल गई. जिसके बाद इन बच्चों को पकड़ लिया गया. बता दें कि, उत्तर कोरिया में साउथ कोरिया के किसी भी ड्रामा या संगीत को देखना या सुनना सबसे बुरा अपराध माना जाता है.

उत्तर कोरिया के अधिकारियों ने इन बच्चों को सरेआम यातनाएं दी. उन्होंने बच्चों को सभी बच्चों के सामने फांसी पर लटका दिया. वहीं साल 2021 में इसी वेब सीरीज को बांटने के मामले में एक व्यक्ति को भी गोली मार दी गई.

क्यों दी जाती है सजा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर कोरिया में यह इकलौती घटना नहीं है. वहां पर ऐसी सामूहिक हत्याएं आम हैं. उत्तर कोरिया से भागने में सफल लोगों के मुताबिक ऐसे मामलों में उत्तर कोरिया प्रशासन कोई रहम नहीं दिखाता.

गवाहों के मुताबिक साल 2021 में कुछ छात्र छिपकर K-pop सुन रहे थे. वो BTS के बड़े फैन थे, जिसे सुनना उत्तर कोरिया में बड़ा अपराध माना जाता है. उन छात्रों को मौत की सजा सुनाई गई थी.

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इस घटना को अपनी आंखों से देखने वाली 40 साल की किम युनजू के मुताबिक उन छात्रों को जबरन मैदान में ले जाया गया और उन्हें गोली मार दी गई. यह सारा काम सैकड़ों छात्रों के सामने किया गया.

किम के मुताबिक लोगों को सरेआम मौत की सजा इसलिए दी जाती है ताकि भविष्य में लोग ऐसा काम करने से पहले 100 बार सोचें.

-भारत एक्सप्रेस



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