Pakistan Earthquake: एक तरफ जहां पाकिस्तानी हुक्मरान बलूचिस्तान के अवाम पर जुल्म ढाने में लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुदरत का कहर इस इलाके पर टूट पड़ा है. पड़ोसी देश पाकिस्तान में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब बलूचिस्तान की धरती अचानक तेज भूकंप के झटकों से दहल उठी. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.8 मैग्नीट्यूड मापी गई है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर सड़कों पर निकल आए.
जमीन से महज 10 किमी नीचे मची हलचल
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी से मिली जानकारी के मुताबिक, इस शक्तिशाली भूकंप का केंद्र बलूचिस्तान के खुजदार शहर से लगभग 48 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में था. सबसे डरावनी बात यह रही कि इस भूकंप की गहराई जमीन से महज 10 किलोमीटर नीचे थी. विज्ञान के जानकारों के मुताबिक, कम गहराई पर आने वाले भूकंप सतह पर सबसे ज्यादा तबाही और तेज कंपन पैदा करते हैं, जिसके चलते आसपास के बड़े इलाके में इसके झटके बेहद तीव्र महसूस किए गए.
पिछले 30 दिनों का सबसे शक्तिशाली झटका
पाकिस्तान के इस सुलगते हुए प्रांत में पिछले एक महीने के भीतर आया यह सबसे ताकतवर भूकंप है. इस झटके की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि इसके असर से भारत के भी कुछ सीमावर्ती या पश्चिमी हिस्सों में बेहद हल्के झटके महसूस किए गए. गनीमत यह रही कि शुरुआती रिपोर्ट्स में इस प्राकृतिक आपदा से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस झटके ने पाकिस्तान की खस्ताहाल व्यवस्था की नींद जरूर उड़ा दी है.
पाकिस्तान के जुल्मों के बीच कुदरत का खौफ
गौरतलब है कि बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तानी सेना के अत्याचार और मानवाधिकार हनन के खिलाफ सुलग रहा है. ऐसे में इस बड़े भूकंप ने वहां के लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. बलूचिस्तान के खुजदार और आसपास के जिलों में आए इस जलजले के बाद लोग अभी भी दहशत के साये में जी रहे हैं, क्योंकि उथली गहराई में आए ऐसे भूकंपों के बाद अक्सर आफ्टरशॉक्स (झटकों) का खतरा बना रहता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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