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पाकिस्तान में फ्लैश फ्लड से हाहाकार, खैबर पख्तूनख्वा में 300 लोगों की मौत

खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) में शुक्रवार को हुई भारी बारिश विनाशकारी रही. कई जिलों में भारी बारिश और बादल फटने की वजह से अचानक आई बाढ़ में एक ही दिन में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई.

Khyber Pakhtunkhwa

खैबर पख्तूनख्वा में बाढ़ ने मचाई तबाही.

खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) में मानसूनी बारिश कहर बन कर बरसी है. महज 48 घंटे में अचानक आई बाढ़ में 300 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक मरने वालों की संख्या 307 है.

Khyber Pakhtunkhwa में 307 लोगों की मौत

प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) के मुताबिक शनिवार को खैबर पख्तूनख्वा में मरने वालों की संख्या 307 हो गई. इसमें गिलगित-बाल्टिस्तान में करीब 12 और पीओके में 9 लोगों की जान चली गई है.

खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) में शुक्रवार को हुई भारी बारिश विनाशकारी रही. कई जिलों में भारी बारिश और बादल फटने की वजह से अचानक आई बाढ़ में एक ही दिन में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में प्रांतीय सरकारी हेलीकॉप्टर के पांच चालक दल के सदस्य भी शामिल थे. हेलीकॉप्टर राहत और बचाव कार्य के दौरान मोहमंद में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

48 घंटे में करीब दो सौ लोगों की मौत

डॉन (पाकिस्तानी मीडिया) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 48 घंटों में 184 लोगों की जान गई है और बुनेर सबसे प्रभावित जिला रहा. शांगला में 36, मनसेहरा में 23, स्वात में 22, बाजौर में 21, बट्टाग्राम में 15, निचले दीर में पांच और एबटाबाद में एक बच्चे के डूबने की खबर है. बाढ़ के कारण 11 घर नष्ट हुए हैं जबकि 63 क्षतिग्रस्त हुए हैं. स्वात और शांगला में सरकारी स्कूल प्रभावित हुए हैं.

बुनेर के डीसी काशिफ कयूम खान ने भी डॉन से बातचीत में कहा कि चगरजई तहसील में 30 लोग लापता हैं, जबकि 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. बचाव दल का तलाशी अभियान जारी है. खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) सरकार ने बुनेर, बाजौर, स्वात, शांगला, मनसेहरा और बट्टाग्राम जैसे गंभीर रूप से प्रभावित पर्वतीय जिलों को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है.

यह भी पढ़ें- बाढ़ और भूस्खलन से पाकिस्तान में मचा कोहराम! अबतक 360 से ज्यादा लोगों ने गंवाई अपनी जान

पाकिस्तान के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) के मुताबिक लगभग 2,000 बचावकर्मी मलबे से शव निकालने और नौ प्रभावित जिलों में राहत अभियान चलाने में लगे हुए हैं. भारी बारिश, कई इलाकों में भूस्खलन और सड़कें बह जाने की वजह से सहायता पहुंचाने में, खासकर भारी मशीनरी और एम्बुलेंस पहुंचाने में मुश्किल हो रही है.

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-भारत एक्सप्रेस



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