न्यूयॉर्क से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. जिस देश पर बार-बार आतंकियों को शरण देने के आरोप लगते रहे हैं, वही पाकिस्तान अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तालिबान प्रतिबंध समिति की अध्यक्षता करेगा. यह ज़िम्मेदारी उसे वर्ष 2025 के लिए सौंपी गई है.
तालिबान से जुड़े लोगों और संगठनों पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार 1988 प्रतिबंध समिति—जिसे तालिबान प्रतिबंध समिति भी कहा जाता है—की बागडोर अब पाकिस्तान संभालेगा. यह समिति आतंकी तत्वों पर यात्रा, संपत्ति और हथियारों पर प्रतिबंध लगाने जैसे सख्त कदम उठाती है. आश्चर्य की बात यह है कि जिस पाकिस्तान की ज़मीन से तालिबानी आतंक को खाद-पानी मिलता रहा है, वही अब उन पर कार्रवाई की देखरेख करेगा.
इस समिति में पाकिस्तान के साथ उपाध्यक्ष के रूप में गुयाना और रूस भी शामिल होंगे. यानी अब रूस, पाकिस्तान की अध्यक्षता में कार्य करेगा, जो कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक रोचक स्थिति मानी जा रही है.
आतंकवाद-रोधी समिति में भी अहम भूमिका
यही नहीं, पाकिस्तान को 2025 में संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद-रोधी समिति में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी दी गई है. इस समिति की अध्यक्षता अल्जीरिया करेगा, जबकि फ्रांस, रूस और पाकिस्तान उपाध्यक्ष रहेंगे.
इसके अलावा, डेनमार्क 2025 में ISIL और अल-कायदा पर निगरानी रखने वाली 1267 प्रतिबंध समिति की अध्यक्षता करेगा, जिसमें रूस और सिएरा लियोन को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
पाकिस्तान अब सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य
पाकिस्तान को 2025-26 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुना गया है. इसके साथ ही वह दो अनौपचारिक कार्य समूहों का सह-अध्यक्ष भी होगा—एक समूह दस्तावेजीकरण और प्रक्रिया से संबंधित होगा और दूसरा प्रतिबंधों के सामान्य मुद्दों पर काम करेगा.
भारत ने भी 2021-22 के कार्यकाल के दौरान सुरक्षा परिषद में आतंकवाद-रोधी समिति की अध्यक्षता की थी. भारत लगातार यह बात उठाता रहा है कि पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित सबसे ज़्यादा आतंकवादी और आतंकी संगठन सक्रिय हैं.
पाकिस्तान का इतिहास सवालों के घेरे में
पाकिस्तान का आतंक के खिलाफ रुख हमेशा संदेह के घेरे में रहा है. दुनिया का सबसे कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन, पाकिस्तान के एबटाबाद में छिपा मिला था और 2011 में अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने वहीं उसे मार गिराया था.
सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य हैं—चीन, फ्रांस, रूस, अमेरिका और ब्रिटेन. पाकिस्तान के साथ वर्तमान अस्थायी सदस्य हैं: अल्जीरिया, डेनमार्क, ग्रीस, गुयाना, पनामा, दक्षिण कोरिया, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया और सोमालिया.
भारत एक्सप्रेस
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