पाक में आएगा 'भुखमरी संकट'?
Pakistan Tomato Prices: इस समय पाकिस्तान में टमाटर की कीमतों को लेकर ऐसा हाहाकार मचा हुआ है कि रसोई का बजट पूरी तरह से डगमगा गया है. टमाटर की कीमत में एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 400 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके चलते यह पाकिस्तानी रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. यह अभूतपूर्व महंगाई सिर्फ टमाटर तक सीमित नहीं है, बल्कि सेब, अंगूर, अदरक और लहसुन जैसे आवश्यक खाद्य पदार्थों के दाम भी आसमान छू रहे हैं.
इस अचानक आई ‘खाद्य इमरजेंसी’ की मुख्य वजह पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवादित सीमा का बंद होना है, जिससे 5,000 कंटेनरों में फंसा व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है, और साथ ही खैबर पख्तूनख्वा और सिंध में आई बाढ़ ने स्थानीय फसलों को भी बर्बाद कर दिया है. टमाटर की कीमत 600 पाकिस्तानी रुपये किलो तक पहुंच गई है.
बॉर्डर बंद होने से व्यापार ठप
अफगानिस्तान के साथ तनाव के कारण बॉर्डर बंद होने से व्यापार ठप हो गया है, जिससे टमाटर की सप्लाई चेन टूट गई है. लगभग 5,000 कंटेनर दोनों तरफ फंसे हुए हैं. इसके अलावा, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और सिंध में बारिश और बाढ़ से फसलें बर्बाद हो गई हैं. कराची, लाहौर और इस्लामाबाद जैसे शहरों में टमाटर की कीमतें सबसे ज्यादा हैं. लाहौर के बादामी बाग मार्केट में अब रोजाना केवल 15-20 ट्रक टमाटर पहुंच रहे हैं.
अन्य फल, सब्जियों दामों में उछाल
सेब, अंगूर, अदरक और लहसुन की कीमतें भी बढ़ गई हैं. प्याज 120 रुपये प्रति किलो और मटर 500 रुपये प्रति किलो हो गया है. द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में टमाटर की कीमतों का यहां पहुंचना सिर्फ महंगाई नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक तनाव और खराब शासन का सीधा परिणाम है. अफगानिस्तान से व्यापारिक मार्ग बंद होने और देश के भीतर बाढ़ से फसलों का नुकसान, डिमांड-सप्लाई के गैप को इतना बढ़ा दिया है कि आम आदमी की रसोई से टमाटर, अदरक और लहसुन जैसे बुनियादी सामान भी गायब हो गए हैं.
- टमाटर, 600 (तक) पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम
- अदरक, 750 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम
- लहसुन, 400 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम
- मटर, 500 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम
- प्याज, 120 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम
ये भी पढ़ें: हल्दी-दूध, अदरक या तुलसी? सर्दियों में सुबह क्या पीना है सबसे बेस्ट?
भारी भरकम व्यापारिक नुकसान में पाकिस्तान
करीब 1 मिलियन डॉलर का व्यापारिक नुकसान झेल रहे दोनों देशों के व्यापारी अब आपूर्ति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं. यह संकट स्पष्ट रूप से दिखाता है कि जंग और अस्थिरता की कीमत अंततः आम नागरिक को टमाटर की बढ़ी हुई कीमत के रूप में चुकानी पड़ती है. जब तक सीमाएं नहीं खुलतीं और स्थानीय उत्पादन में सुधार नहीं होता, तब तक पाकिस्तान के लोग महंगाई के इस ‘टमाटर बम’ का सामना करते रहेंगे.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

