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पाकिस्तान में ‘धुरंधर’ का तांडव! 7 दिनों में 3 आतंकी ढेर, इस्लामाबाद से बहावलपुर तक बेमौत मर रहे भारत के दुश्मन!

पाकिस्तान में ‘अननॉन गनमैन’ द्वारा लगातार आतंकी कमांडरों की टारगेट किलिंग से हड़कंप मचा हुआ है. हाल ही में Islamabad में Sajjad Ahmad की हत्या के बाद डर और बढ़ गया है…

Pakistan Terror News: पाकिस्तान की सरजमीं पर भारत के दुश्मनों के लिए ‘यमराज’ बन चुके ‘अननॉन गनमैन’ का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले एक हफ्ते के भीतर हिजबुल, लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के तीन बड़े मोहरों को मिट्टी में मिला दिया गया है. इसका ताज़ा शिकार बना है हिजबुल मुजाहिद्दीन का टॉप कमांडर सज्जाद अहमद, जिसे पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की सुरक्षित गलियों में घुसकर गोलियों से भून दिया गया.

बता दें कि 2020 से शुरू हुआ यह ‘सफाई अभियान’ (Dhurandhar action Pakistan) अब तक 20 से ज्यादा खूंखार आतंकियों को निगल चुका है, और दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान सरकार इस पर जुबान खोलने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रही है.

इस्लामाबाद में हिजबुल कमांडर सज्जाद का ‘काम तमाम’

शुक्रवार को अज्ञात हमलावरों ने सबसे बड़ा स्ट्राइक (Dhurandhar action Pakistan) इस्लामाबाद में किया. कश्मीर का रहने वाला और हिजबुल का खूंखार कमांडर सज्जाद अहमद, जो 1997 से भारत के खिलाफ जहर उगल रहा था, अपने ही घर के पास ढेर कर दिया गया. उसके पड़ोसी जहांगीर ने मौत की पुष्टि की है. सज्जाद को घाटी में आतंकी गतिविधियों को ऑपरेट करने का मास्टरमाइंड माना जाता था, लेकिन ‘अननॉन गनमैन’ की एक सटीक गोली ने उसकी फाइल हमेशा के लिए बंद कर दी.

जैश का सलमान अजहर: एक्सीडेंट या ‘टारगेटेड’ गेम?

सज्जाद की मौत से महज 48 घंटे पहले जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर सलमान अजहर मारा गया. बताया जा रहा है कि एक ‘अज्ञात वाहन’ ने उसे ऐसी टक्कर मारी कि वह मौके पर ही दम तोड़ गया. सलमान को जैश सरगना मसूद अजहर का दायां हाथ माना जाता था. उसे चुपचाप बहावलपुर के सुभानअल्लाह मरकज में दफना दिया गया. गौर करने वाली बात यह है कि मसूद अजहर के अंडरग्राउंड होने के बाद उसका भाई ताहिर अजहर भी मार्च में संदिग्ध परिस्थितियों में मर चुका है.

लश्कर कमांडर अफरीदी की खैबर में ‘हंटिंग'(Unknown Gunmen Pakistan)

पिछले हफ्ते की शुरुआत में ही शेख यूसुफ अफरीदी की हत्या (Dhurandhar action Pakistan) कर दी गई थी. लश्कर-ए-तैयबा का यह टॉप कमांडर खैबर पख्तूनख्वा में छिपा बैठा था, लेकिन अनजान बंदूकधारियों ने उसे ढूंढ निकाला और सरेआम मौत के घाट उतार दिया. अफरीदी की मौत लश्कर के नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि वह सीमा पार से घुसपैठ का अहम चेहरा था.

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20+ आतंकी ढेर, पर पाकिस्तान की बोलती बंद!

साल 2019 के बाद से पाकिस्तान में आतंकियों की ‘टारगेट किलिंग’ का एक पैटर्न सेट हो गया है. अब तक 20 से ज्यादा बड़े आतंकी मारे जा चुके हैं, जिनमें परमजीत सिंह पंजवड़, शाहिद लतीफ और जहूर मिस्त्री जैसे नाम शामिल हैं. ताज्जुब की बात यह है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और वहां की सरकार इन मौतों पर कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट या बयान जारी नहीं करती. वे न तो इन आतंकियों को अपना नागरिक बता पा रहे हैं और न ही इनकी मौत की गुत्थी सुलझा पा रहे हैं.

खौफ में 10 हजार आतंकी, ट्रेनिंग कैंपों में सन्नाटा (Dhurandhar action Pakistan)

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में फिलहाल लश्कर और जैश के करीब 10 हजार आतंकी सक्रिय हैं. पंजाब, गिलगित और PoK में इनके ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं. लेकिन ‘अननॉन गनमैन’ के बढ़ते खौफ ने इन कैंपों में सन्नाटा पसर दिया है. पिछले साल पहलगाम में 26 निर्दोषों का खून बहाने वाले इन आतंकियों को अब समझ आ गया है कि वे पाकिस्तान की ‘सुरक्षित पनाहगाहों’ में भी सुरक्षित नहीं हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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