Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

पीएम मोदी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव कै क्यू से की मुलाकात, भारत चीन सहयोग को मजबूत बनाने पर हुई चर्चा

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) चीन का एक राजनीतिक दल है. 1949 में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के बाद से, सीसीपी का बोलबाला रहा है.

PM Modi In China

पीएम मोदी ने सीसीपी के सचिव कै क्यू से की मुलाकात.

PM Modi In China: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सीसीपी यानि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के महासचिव कै क्यू से मुलाकात की. जो सत्ताधारी पार्टी की पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के सदस्य हैं. इस दौरान दोनों ने भारत चीन सहयोग को मजबूत बनाने पर बातचीत की.

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) चीन का एक राजनीतिक दल है. 1949 में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के बाद से, सीसीपी का बोलबाला रहा है. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ही पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) की संस्थापक और सत्तारूढ़ पार्टी है.

इससे पहले रविवार को, प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi In China) और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तियानजिन में द्विपक्षीय वार्ता की. इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने आपसी विश्वास और सहयोग को जरूरी बताया.

शी जिनपिंग ने बैठक के बाद दिया बयान

वहीं जिनपिंग ने ड्रैगन और हाथी के साथ चलने की बात कही और दोनों देशों के सुधरते रिश्तों पर मुहर लगाई. जिनपिंग ने कहा, चीन और भारत दो प्राचीन सभ्यताएं हैं. हम दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं. हम ग्लोबल साउथ के भी महत्वपूर्ण सदस्य हैं. हम दोनों अपने लोगों की भलाई के लिए जरूरी सुधार लाने और मानव समाज की प्रगति को बढ़ावा देने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाते हैं.

यह भी पढ़ें- चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद बोले पीएम मोदी- दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करेंगे

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के लिए यह सही है कि ऐसे साझेदार बनें जो एक-दूसरे की सफलता में सहायक हों. ड्रैगन और हाथी एक साथ आएं. उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि दुनिया सौ साल के बड़े बदलावों से गुजर रही है. अंतरराष्ट्रीय हालात अस्थिर और जटिल हैं.

गलवान झड़प के बाद पहली बार PM Modi In China

लगभग सात साल बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई जो लगभग 50 मिनट तक चली. गलवान झड़प के बाद ये पहला मौका है जब पीएम चीन पहुंचे, वो यहां एससीओ समिट में शिरकत करने पहुंचे हैं. सम्मेलन में एससीओ सदस्य ही नहीं बल्कि ऑब्जर्वर और पार्टनर देशों को मिलाकर 20 से ज्यादा देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital