PM Modi welcome by Haka Dance: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरे से इस समय एक ऐसी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. ऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में पीएम मोदी के औपचारिक स्वागत के दौरान वहां की सबसे प्राचीन और समृद्ध स्वदेशी माओरी विरासत का अद्भुत नजारा देखने को मिला.
प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत पारंपरिक ‘माओरी पोहिरी’ रीति-रिवाज से किया गया, जिसके तहत वहां के जांबाजों ने आंखें बड़ी-बड़ी करके, जीभ निकालकर और छाती थपथपाते हुए एक ऐसा जोशीला नृत्य किया कि देखने वाले दंग रह गए. इसे ‘हाका’ नृत्य कहा जाता है. आइए जानते हैं कि आखिर न्यूज़ीलैंड की यह वीर परंपरा क्या है, जिसने पूरी दुनिया में अपनी एक अलग और धाकड़ पहचान बनाई है.
क्या है ‘हाका’ नृत्य और ‘माओरी’ परंपरा?(PM Modi welcome by Haka Dance)
न्यूजीलैंड की कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा माओरी समुदाय का है, जो वहां के मूल आदिवासी निवासी माने जाते हैं. ‘हाका’ दरअसल माओरी समुदाय का एक पारंपरिक और बेहद पुराना युद्ध नृत्य है. प्राचीन काल में माओरी योद्धा युद्ध के मैदान में दुश्मनों के सामने अपनी ताकत दिखाने, उन्हें मानसिक रूप से डराने और अपने सैनिकों में जोश भरने के लिए इस नृत्य को करते थे. हाका नृत्य में केवल पैर नहीं थिरकते बल्कि इसमें पूरे शरीर की ऊर्जा झोंक दी जाती है.
इसमें योद्धा जोर-जोर से पैर पटकते हैं, अपनी छाती और बाजुओं को थपथपाते हैं, चेहरे पर भयंकर भाव लाते हैं, आंखें बड़ी करते हैं और जीभ बाहर निकालते हैं. इसके साथ ही एक बेहद ऊंची आवाज में पारंपरिक लोकगीत गाया जाता है जो दिल की धड़कनें बढ़ा देता है.
प्रधानमंत्री मोदी का दुनिया में फिर दिखा जलवा 🇮🇳
माओरी जनजाति के पारंपरिक ‘हाका’ नृत्य के साथ
हुआ PM नरेंद्र मोदी का न्यूज़ीलैंड में भव्य स्वागत pic.twitter.com/xxlmYQbOOe— Amrendra Bahubali 🇮🇳 (@TheBahubali_IND) July 11, 2026
जब न्यूजीलैंड की संसद में ‘हाका’ ने मचाया था गदर
हाका नृत्य का जिक्र आते ही हर किसी के जेहन में कुछ समय पहले का वह ऐतिहासिक और वायरल वाकया घूम जाता है, जब इसने (PM Modi welcome by Haka Dance) न्यूजीलैंड की संसद को हिलाकर रख दिया था. दरअसल, संसद में माओरी समुदाय के अधिकारों और उनकी ऐतिहासिक संधि से जुड़े एक विवादित विधेयक पर बहस चल रही थी. जैसे ही वोटिंग शुरू होने वाली थी, तभी माओरी समुदाय से आने वाली देश की सबसे युवा सांसद हाना-रावहिती मइपी-क्लार्क ने विरोध दर्ज कराने का एक अनोखा और आक्रामक तरीका चुना.
दरअसल उन्होंने भरी संसद के बीच खड़े होकर आधिकारिक दस्तावेज को फाड़ दिया और पूरे जोश के साथ ‘हाका’ नृत्य शुरू कर दिया. देखते ही देखते विपक्ष के अन्य सांसदों और दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने भी उनका साथ दिया और पूरी संसद माओरी हुंकार से गूंज उठी. यह वीडियो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना था.
ग्लोबल ब्रांड बन चुका है ‘हाका’
समय बदलने के साथ ‘हाका’ अब सिर्फ युद्ध या विरोध का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक मंच पर न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा ब्रांड बन चुका है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे पहचान दिलाने का सबसे बड़ा श्रेय न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय रग्बी टीम, ‘ऑल ब्लैक्स’ को जाता है. यह टीम दशकों से हर मैच की शुरुआत से ठीक पहले मैदान पर प्रतिद्वंद्वी टीम के सामने ‘हाका’ नृत्य करती है, जिसे देखना दुनिया भर के खेल प्रेमियों के लिए एक बेहद रोमांचक अनुभव होता है.
खेल के मैदान से निकलकर अब यह परंपरा किसी बेहद खास और सम्मानित अतिथि के सत्कार का जरिया बन चुकी है. यही वजह है कि जब चार दशक बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड की धरती पर पहुंचा, तो उनके सम्मान में इस गौरवशाली वीर परंपरा का प्रदर्शन किया गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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