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ब्राजील में बोले PM Modi- ‘भारत के लिए Climate Justice कोई विकल्प नहीं, एक नैतिक कर्तव्य है,’ ब्रिक्स का मतलब ‘Building Resilience and….’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील दौरे पर हैं, जहां उन्होंने रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. उन्होंने ब्रिक्स समिट में एनवायरमेंट, कॉप 30 और ग्लोबल हेल्थ पर सत्र को संबोधित किया.

महिमा कटारिया, ब्राजील.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील दौरे पर हैं, जहां उन्होंने रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. उन्होंने ब्रिक्स समिट में एनवायरमेंट, कॉप 30 और ग्लोबल हेल्थ पर सत्र को संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार (7 जुलाई) को रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर ओरिएंटल रिपब्लिक ऑफ उरुग्वे के राष्ट्रपति महामहिम यामांडू ओरसी से मुलाकात की.

इसके अलावा पीएम मोदी ने आज बोलिविया के राष्ट्रपति महामहिम लुइस एर्से कैटाकोरा से मुलाकात की.

पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ‘एनवायरमेंट, कॉप30 और ग्लोबल हेल्थ’ पर सत्र को संबोधित किया. मैं ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इन विषयों पर चर्चा शुरू करने के लिए ब्राजील का आभारी हूं, क्योंकि ये मानव जाति के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं.

भारत पीपल (लोग), प्लेनेट और प्रोग्रेस की भावना से प्रेरित

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पीपल (लोग), प्लेनेट और प्रोग्रेस की भावना से प्रेरित है. भारत ने कई पहल की है, जैसे मिशन लाइफ, एक पेड़ मां के नाम, अंतरराष्ट्रीय सौर अलायंस, आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना के लिए गठबंधन, हरित हाइड्रोजन मिशन, वैश्विक जैव ईंधन अलायंस, अंतरराष्ट्रीय बिग कैट्स अलायंस.

उन्होंने कहा कि हमारे लोगों और प्लेनेट का स्वास्थ्य आपस में जुड़ा हुआ है. कोविड-19 महामारी ने हमें सिखाया है कि वायरस वीजा लेकर नहीं आता, न ही पासपोर्ट के आधार पर समाधान चुने जाते हैं. इसलिए हमें अपने प्लेनेट को स्वस्थ बनाने के लिए अपने साझा प्रयासों को मजबूत करना होगा.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स को नए तरीके से किया परिभाषित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स (BRICS) का नया फूलफॉर्म दिया और कहा कि भारत अपनी आगामी अध्यक्षता में ब्रिक्स समूह को “सहयोग और स्थिरता के लिए लचीलापन और नवाचार का निर्माण” (Building Resilience and Innovation for Cooperation and Sustainability) पर ध्यान केंद्रित करके पुनर्परिभाषित करेगा.

दौरे पर पर्यावरण, सीओपी 30 और वैश्विक स्वास्थ्य पर ब्रिक्स सत्र में प्रधानमंत्री के मुख्य कोट्स

  1. जहां कुछ लोग इसे आंकड़ों में मापते हैं, भारत इसे संस्कारों में जीता है.
  2. भारत के लिए Climate Justice कोई विकल्प नहीं, एक नैतिक कर्तव्य है.
  3. पृथ्वी का स्वास्थ्य और मनुष्य का स्वास्थ्य एक दूसरे से जुड़े हुए हैं.
  4. भविष्य को लेकर जो आत्मविश्वास विकसित देशों में है, वही आत्मबल इन देशों में भी होना चाहिए.
  5. कोविड महामारी ने हमें सिखाया है कि वायरस वीसा लेकर नहीं आते, और समाधान भी पासपोर्ट देखकर नहीं चुने जाते !
  6. भारत की BRICS अध्यक्षता में हम BRICS को नए रूप में परिभाषित करने पर काम करेंगे.

 BRICS का मतलब होगा – Building Resilience and Innovation for Cooperation and Sustainability.

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी पांच देशों के 8 दिवसीय विदेशी दौरे पर हैं. वह चौथे पड़ाव में ब्राजील पहुंचे. इससे पहले वह घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और अर्जेंटीना गए थे.


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-भारत एक्सप्रेस



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