Bharat Express DD Free Dish

BRICS Summit: एस. जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता, पश्चिम एशिया, ब्रिक्स और SCO से जुड़े मुद्दों पर की चर्चा

रूस के विदेश मंत्रालय ने भी दोनों नेताओं की बैठक की तस्वीर साझा की और बताया कि यह वार्ता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर आयोजित हुई.

S. Jaishankar

एस. जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच द्विपक्षीय वार्ता.

BRICS Summit 2025: रियो डी जेनेरो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की. इस मुलाकात में द्विपक्षीय सहयोग, पश्चिम एशिया, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.

S. Jaishankar ने एक्स पर किया पोस्ट

एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “ब्रिक्स 2025 के मौके पर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मिलकर अच्छा लगा. द्विपक्षीय सहयोग, पश्चिम एशिया, ब्रिक्स और SCO पर चर्चा हुई.”

इससे पहले रूस के विदेश मंत्रालय ने भी दोनों नेताओं की बैठक की तस्वीर साझा की और बताया कि यह वार्ता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर आयोजित हुई. मंत्रालय ने ‘X’ पर लिखा, “रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और भारत के विदेश मंत्री @DrSJaishankar ने रियो डी जेनेरो में XVII BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की.”

गौरतलब है कि इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात फरवरी 2025 में जोहान्सबर्ग में हुई थी, जहां उन्होंने भारत-रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति पर चर्चा की थी. ब्राजील की अध्यक्षता में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं के साथ-साथ नव-शामिल सदस्य देशों—मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया—के नेता भी शामिल हुए.

पीएम मोदी ने ब्रिक्स को किया संबोधित

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “शांति और सुरक्षा” सत्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद की कड़ी निंदा की और इसे वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में मानवता के लिए सबसे गंभीर चुनौती बताया.

प्रधानमंत्री मोदी ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमला भारत की आत्मा, पहचान और गरिमा पर सीधा प्रहार था. उन्होंने इस दुखद घड़ी में भारत के साथ खड़े रहने वाले मित्र देशों के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, “आतंकवाद मानवता के लिए आज की सबसे गंभीर चुनौती बन गया है. हाल ही में भारत को एक अमानवीय और कायरतापूर्ण आतंकी हमले का सामना करना पड़ा. यह हमला न केवल भारत बल्कि पूरी मानवता पर प्रहार था. इस शोक की घड़ी में जो देश हमारे साथ खड़े हुए, उनके समर्थन और संवेदना के लिए मैं हृदय से धन्यवाद करता हूं.”

यह भी पढ़ें- PM Modi At Brics Summit 2025: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह से की मुलाकात, सोशल मीडिया पर तस्वीरें की शेयर

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, “आतंकवाद की निंदा हमारा ‘सिद्धांत’ होना चाहिए, न कि ‘सुविधा’ का विषय. यदि हम पहले यह देखें कि हमला किस देश में हुआ और किसके खिलाफ हुआ, तो यह मानवता के साथ विश्वासघात होगा.”

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read