पीएम मोदी की ब्रिटिश पीएम से मुलाकात
India-UK Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से शुरू हो रही अपनी दो दिवसीय ब्रिटेन यात्रा के दौरान यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री Keir Starmer के साथ मुलाकात करेंगे. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस यात्रा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला, जिसमें भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर चर्चा भी शामिल है.
रणनीतिक साझेदारी को मिलेंगी नई ऊंचाइयां
प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) की यह यात्रा भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) को और सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करेगी. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि दोनों नेता व्यापार, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी, रक्षा, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे. यह यात्रा दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान का भी मंच प्रदान करेगी. मिस्री ने कहा, “यह यात्रा भारत-ब्रिटेन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर है.”
दो देशों के व्यापार और निवेश में संभावनाएं
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा. विदेश सचिव ने बताया कि ब्रिटेन भारत में छठा सबसे बड़ा निवेशक है, जिसका कुल निवेश 36 अरब अमेरिकी डॉलर है. वहीं, भारत भी ब्रिटेन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का एक प्रमुख स्रोत है, जिसमें भारतीय कंपनियों का निवेश 20 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है. ब्रिटेन में करीब 1000 भारतीय कंपनियां हैं, जो लगभग एक लाख लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं और इनका कुल राजस्व 91 अरब अमेरिकी डॉलर है. इस यात्रा के दौरान मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा को अंतिम रूप देने की उम्मीद है, जो दोनों देशों के लिए आर्थिक विकास का नया द्वार खोलेगा.
India UK रक्षा और प्रौद्योगिकी में सहयोग
रक्षा क्षेत्र में भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है. मिस्री ने बताया कि दोनों देशों के सशस्त्र बलों की तीनों शाखाओं के बीच नियमित बातचीत और संयुक्त अभ्यास हो रहे हैं. हाल ही में दोनों देशों ने इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन क्षमता पर एक महत्वपूर्ण समझौता किया है. इसके अलावा, प्रौद्योगिकी-सुरक्षा पहल (टीएसआई) जैसे समझौते उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को और गहरा रहे हैं. यह यात्रा रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई परियोजनाओं को शुरू करने का अवसर प्रदान करेगी.
India UK शिक्षा और स्वास्थ्य में साझेदारी
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी भारत-ब्रिटेन सहयोग मजबूत हो रहा है. साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी ने भारत की नई शिक्षा नीति के तहत गुरुग्राम में अपना परिसर स्थापित किया है, और कई अन्य ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज भी भारत में परिसर खोलने की योजना बना रही हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मलेरिया के टीके के सह-विकास पर काम किया, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2023 में मंजूरी दी थी. कोविड-19 महामारी के दौरान कोविशील्ड वैक्सीन का सह-विकास भी दोनों देशों के बीच सहयोग का एक शानदार उदाहरण है.
बढ़ रही 18 लाख प्रवासी भारतीयों की भूमिका
विदेश सचिव ने ब्रिटेन में रहने वाले लगभग 18 लाख प्रवासी भारतीयों की भूमिका को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा, “प्रवासी भारतीयों ने न केवल भारत और ब्रिटेन के बीच मैत्री के बंधन को मजबूत किया है, बल्कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था और समाज में भी विशेष योगदान दिया है.” यह ‘लिविंग ब्रिज’ दोनों देशों के बीच संबंधों का आधारभूत पहलू है.
King Charles 3 और भारतीय समुदाय से PM की भेंट
प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) अपनी यात्रा के दौरान किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात करेंगे और ब्रिटेन में व्यापारिक नेताओं और भारतीय समुदाय के साथ भी बातचीत करेंगे. यह मुलाकातें दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को और गहरा करेंगी.
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