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पीएम मोदी के दौरे से पहले फ्रांस का बड़ा बयान, ‘खरीदार-विक्रेता’ नहीं बराबरी का है रिश्ता

पीएम मोदी के आगामी फ्रांस दौरे से पहले फ्रांसीसी राजनयिक सूत्रों ने नई राफेल डील, व्यापक रक्षा तकनीक हस्तांतरण और असैन्य परमाणु (सिविल न्यूक्लियर) समझौतों में बड़ी प्रगति के मजबूत संकेत दिए हैं.

PM Modi France Emmanuel Macron

पीएम मोदी फ्रांस के दौरे पर जाने वाले हैं. पीएम मोदी के इस दौरे से पहले फ्रांस के डिप्लोमैटिक (राजनयिक) सूत्रों ने नई राफेल डील और भारत के साथ गहरे रक्षा और उद्योग सहयोग पर बड़ी तरक्की का संकेत दिया है. डिप्लोमैटिक सूत्रों ने भारत के साथ फ्रांस के रक्षा संबंध को बराबरी का बताया. इस साझेदारी को पारंपरिक खरीदार-विक्रेता संबंधों से कहीं आगे का बताया. पीएम मोदी के इस दौरे पर रक्षा और परमाणु सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है.

मेक इन इंडिया और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर रहेगा विशेष जोर

पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर इनोवेशन, सिविल न्यूक्लियर मुद्दे और क्षेत्रीय सुरक्षा के एजेंडा में शीर्ष पर रहने की उम्मीद है. फ्रांसीसी डिप्लोमैटिक सूत्रों ने बताया, “एक बार फिर, मेक इन इंडिया और स्थानीय हथियारों का इंटीग्रेशन इसका हिस्सा हैं. यह डील पिछली डील्स से अलग होगी.” सोर्स ने भारत की फ्लैगशिप पॉलिसी के लिए पेरिस के मजबूत कमिटमेंट पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “फ्रांस सरकार रक्षा में ‘मेक इन इंडिया’ के लिए प्रतिबद्ध है. पिछले दस सालों में रक्षा तकनीक के क्षेत्र में संबंध काफी परिपक्व हुए हैं.”

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (तकनीक हस्तांतरण) के बारे में पूछे जाने पर सोर्स ने कहा, “जवाब है हाँ, हमने पिछले 10 सालों में यह दिखाया है. यह क्लाइंट-कस्टमर का संबंध नहीं है. यह बराबर का संबंध है. मेक इन इंडिया इस डील का हिस्सा होगा.” उन्होंने पूरे रक्षा संबंधों को बहुत ज्यादा एडवांस्ड और कमिटेड बताया.

भारतीय प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी

सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन (असैन्य परमाणु सहयोग) भी इस दौरे में खास तौर पर शामिल होने वाला है. फ्रांस के अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि भारत के परमाणु कानून ने निजी क्षेत्रों की भागीदारी के लिए दरवाजे खोल दिए हैं. डिप्लोमैटिक सूत्रों ने कहा, “हमें चुनौतियों से निपटना होगा, लेकिन यह कानून बहुत अच्छा है.

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यह भारतीय प्राइवेट सेक्टर को भी इसमें शामिल करता है. जब से यह कानून पास हुआ है, हमारी फ्रेंच यूटिलिटी कंपनी ने बड़े भारतीय प्लेयर्स के साथ सक्रिय बातचीत शुरू कर दी है. दिलचस्प बात यह है कि सहयोग का भविष्य मेक इन इंडिया में होगा. मुझे भरोसा है कि फ्रेंच स्टेकहोल्डर्स खुश होंगे. हम एक नए फेज की शुरुआत में हैं. साल के आखिर तक, हमारे पास साफ तस्वीर होगी.”

दोनों नेताओं के बीच मजबूत पर्सनल बॉन्डिंग

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पीयूष श्रीवास्तव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के अपने दौरे की शुरुआत नीस से करेंगे. यह दौरा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बुलावे पर हो रहा है. मुझे यह बताना चाहिए कि इस संबंध की खासियत बहुत ज्यादा अपनापन, भरोसा, रेगुलर कॉन्टैक्ट और दोनों नेताओं के बीच बहुत मजबूत पर्सनल तालमेल रहा है. पीएम मोदी का यह सातवां आधिकारिक दौरा है. इस साल फरवरी में राष्ट्रपति मैक्रों एआई समिट (AI Summit) के लिए मुंबई पहुंचे थे.

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