6 सितंबर को लंदन पहुंचेंगे मोहन भागवत
दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठन माने जाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 3 देशों (अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन) के अपने वैश्विक दौरे के अगले चरण में ब्रिटेन (लंदन) जाएंगे. भारत में 100 वर्षों की अपनी ऐतिहासिक और समर्पित यात्रा पूरी कर चुका आरएसएस इस वर्ष अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है. इसी उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के संदेश को प्रसारित किया जा रहा है.
ब्रिटेन में संघ के वैश्विक विचार को आगे बढ़ाने वाली संस्था हिंदू स्वयंसेवक संघ (HSS UK) के संघचालक (प्रेसिडेंट) धीरज डी. शाह की ओर से भागवतजी के इस ब्रिटेन प्रवास की तैयारियां तेज कर दी गई हैं.
6 सितंबर को नॉर्थ वेस्ट लंदन में विशेष कार्यक्रम
हिंदू स्वयंसेवक संघ (UK) के अनुसार, रविवार, 6 सितंबर 2026 को नॉर्थ वेस्ट लंदन में दोपहर 4:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. रात्रिभोज भी होगा.
इस कार्यक्रम में यूनाइटेड किंगडम (UK) के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रबुद्ध जन, सामुदायिक लीडर्स, विषय विशेषज्ञ और विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है.
इस संवाद सत्र का मुख्य उद्देश्य:
- साझा सभ्यतागत मूल्य (Civilisational Values): भारतीय संस्कृति, संस्कारों और वैश्विक शांति के मूल्यों पर गहराई से चर्चा करना.
- निस्वार्थ सेवा और संगठन: समाज निर्माण में ‘संस्कार, सेवा और संगठन’ के महत्व को रेखांकित करना.
- सामुदायिक एकजुटता: आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सामंजस्यपूर्ण और जीवंत समाज के निर्माण की सामूहिक जिम्मेदारी पर विचार साझा करना.
अमेरिका में इस्कॉन पहुंचे भागवत, दिया संबोधन
लंदन दौरे से पूर्व, मोहन भागवत इन दिनों अमेरिका प्रवास पर हैं. बीते शुक्रवार को उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित 26 सेकेंड एवेन्यू का दौरा किया, जहां 1966 में स्वामी प्रभुपाद ने दुनिया के पहले इस्कॉन (ISKCON) केंद्र की स्थापना की थी.
इस्कॉन मंदिर में दर्शन और ‘जीरो हंगर न्यूयॉर्क’ पहल का शुभारंभ करने के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहा:
“आज की दुनिया में कई तरह के संघर्ष, विविधताएं और मतभेद हैं. ऐसे दौर में केवल चेतना ही सभी को एकजुट कर सकती है, और वह ‘कृष्ण चेतना’ (Krishna Consciousness) ही है. अगर लोग यह महसूस करने लगें कि सब कुछ ईश्वर का ही हिस्सा है, तो दुनिया में शांति स्थापित हो सकती है.”
इसके अलावा, 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ में भी संघ प्रमुख का भव्य कार्यक्रम निर्धारित है. अमेरिका और कनाडा के कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न करने के बाद मोहन भागवत ब्रिटेन पहुंचेंगे, जहां लंदन में प्रवासी भारतीय समाज उनके विचारों से रूबरू होगा.
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