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G7 मीटिंग के लिए फ्रांस पहुंचते ही भड़के डोनाल्ड ट्रंप! नहीं मिला ‘रेड कार्पेट’ तो खिसियाकर मैक्रों से नहीं मिलाया ठीक से हाथ

G7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात सुर्खियों में रही. स्वागत प्रोटोकॉल और कई वैश्विक मुद्दों पर मतभेदों के बीच दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज पर चर्चा तेज हो गई है…

Trump Macron G7 Summit 2026: फ्रांस के खूबसूरत पहाड़ी रिसॉर्ट एवियन-लेस-बैंस में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit 2026) की शुरुआत ही एक बेहद चौंकाने वाले और असहज करने वाले कूटनीतिक ड्रामे के साथ हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फ्रांस पहुंचते ही वैश्विक मीडिया में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ट्रंप का स्वागत किसी ‘रेड कार्पेट’ या भव्य प्रोटोकॉल के तहत नहीं बल्कि बेहद ठंडे तरीके से किया गया.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा व्यक्तिगत रूप से अगवानी न किए जाने और एयरपोर्ट पर मनमाफिक तवज्जो न मिलने से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस कदर खिसिया गए कि दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात में हाथ मिलाने का वो पुराना गर्मजोशी भरा ‘ब्रोमांस’ पूरी तरह गायब दिखा.

 

कैमरे के सामने दिखी ‘दिखावे की दोस्ती'(Trump Macron G7 Summit 2026)

ग्लोबल मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2017 में जब ये दोनों नेता पहली बार मिले थे, तो इनका हैंडशेक इतना आक्रामक था कि दोनों की उंगलियों के पोर सफेद (White Knuckles) पड़ गए थे. लेकिन इस बार G7 समिट में दोनों ने केवल कैमरे के सामने औपचारिकता निभाई. मैक्रों से हाथ मिलाते वक्त ट्रंप के चेहरे पर साफ खिसियाहट देखी जा सकती थी.

दरअसल, समिट में आने से ठीक पहले ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में धमकी दी थी कि अगर फ्रांस ने अमेरिकी टेक कंपनियों पर डिजिटल टैक्स नहीं हटाया, तो अमेरिका फ्रांसीसी वाइन (French Wine) पर 100% का भारी-भरकम टैरिफ (टैक्स) ठोक देगा, जिससे मैक्रों पहले से ही बेहद नाराज हैं.

क्या मैक्रों ने बिछाया ट्रंप के लिए ‘चक्रव्यूह’?

इन दोनों वैश्विक नेताओं के बीच केवल व्यापार ही नहीं बल्कि युद्ध नीति को लेकर भी तगड़ी जंग (Trump Macron G7 Summit 2026) चल रही है. अमेरिकी प्रशासन द्वारा यूक्रेन को दी जाने वाली मदद में ढिलाई बरतने से राष्ट्रपति मैक्रों बेहद चिढ़े हुए हैं और उन्होंने ट्रंप को घेरने के लिए विशेष रूप से यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को भी इस समिट में आमंत्रित कर लिया है.

वहीं दूसरी तरफ, ईरान के साथ बिना यूरोपीय देशों को भरोसे में लिए अमेरिका द्वारा की गई शुरुआती ‘डील’ और मिसाइल हमलों पर भी मैक्रों ने लाइव टीवी पर ट्रंप के फैसलों का कड़ा विरोध किया है.

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ट्रंप के जन्मदिन के लिए बदली थी तारीख

कूटनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मैक्रों ने ट्रंप को खुश करने के लिए इस G7 समिट की तारीख को एक दिन आगे (15-17 जून) खिसकाया था, ताकि 14 जून को ट्रंप का 80वां जन्मदिन खराब न हो. इसके बावजूद फ्रांस की धरती पर (Trump Macron G7 Summit 2026) ट्रंप को वो ‘स्पेशल वीआईपी ट्रीटमेंट’ नहीं मिला जिसके लिए वो जाने जाते हैं.

हालांकि, माहौल को ज्यादा बिगड़ने से बचाने के लिए फ्रांस ने बुधवार को पेरिस के आलीशान ‘पैलेस ऑफ वर्साय’ (Palace of Versailles) में ट्रंप के लिए एक भव्य डिनर का आयोजन जरूर रखा है, लेकिन एवियन रिसॉर्ट में दोनों नेताओं के बीच की यह कड़वाहट साफ बयां कर रही है कि फ्रांस और अमेरिका के रिश्तों में इस वक्त सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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