Donald Trump lastest Statement on India: जब पूरी दुनिया ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध के और अधिक विनाशकारी होने की आशंका से कांप रही है, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने भू-राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं. ट्रंप ने सीधे शब्दों में कहा कि पीएम मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा कर दिखाते हैं, जो ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता.
बता दें कि यह संदेश शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास द्वारा साझा किया गया, जो मंगलवार को दोनों नेताओं के बीच हुई लंबी टेलीफोनिक बातचीत का नतीजा है. वहीं ट्रंप (Donald Trump) का यह बयान महज एक तारीफ नहीं बल्कि एक सोची-समझी कूटनीतिक चाल मानी जा रही है, जहां अमेरिका इस युद्ध को थामने के लिए भारत जैसे ‘तटस्थ और शक्तिशाली’ मित्र की मध्यस्थता का सहारा लेना चाहता है.
भारत और पीएम मोदी पर क्या बोल गए ट्रंप?
ईरान से जंग के बीच भारत को लेकर ट्रंप ने लिखा कि भारत के साथ हमारा शानदार रिश्ता आगे और मजबूत होगा. PM मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा कर दिखाते हैं, जो ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता है. बता दें कि यह मैसेज अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को भारत में अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया.
क्या भारत का नाम घसीट रहा है अमेरिका?
ट्रंप के इस बयान को लेकर विशेषज्ञों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या अमेरिका जानबूझकर भारत को इस दलदल में घसीट रहा है? दरअसल, ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत वह खुद को युद्धों से दूर रखना चाहते हैं और चाहते हैं कि भारत जैसे विश्वसनीय साथी इस संकट का समाधान निकालें. प्रधानमंत्री मोदी ने शांति बहाली और स्थिरता पर जोर देकर यह साफ कर दिया है कि भारत किसी पक्ष का हिस्सा नहीं बनेगा बल्कि वह ‘विश्व बंधु’ की भूमिका में शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाएगा.
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दुनिया की नजरें भारत पर क्यों?
दरअसल, 28 फरवरी 2026 को ईरान और इजरायल के बीच शुरू हुई सीधी जंग के बाद यह दोनों नेताओं (Donald Trump and modi)के बीच पहली औपचारिक बातचीत थी. इस युद्ध ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खतरे में डाल दिया है, जहां से दुनिया का एक-तिहाई कच्चा तेल गुजरता है. प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत की प्राथमिकता ‘डी-एस्केलेशन’ (तनाव कम करना) और समुद्री मार्गों की सुरक्षा है.
वहीं ट्रंप जानते हैं कि भारत के संबंध इजरायल और अमेरिका के साथ जितने मजबूत हैं, ईरान के साथ भी भारत का ऐतिहासिक और रणनीतिक रिश्ता उतना ही गहरा है. ऐसे में ट्रंप का मोदी के साथ ‘निपट लेने’ की बात करना यह दर्शाता है कि वाशिंगटन अब बीजिंग या मॉस्को के बजाय नई दिल्ली को एक ‘ग्लोबल पीसमेकर’ के रूप में देख रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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