Bharat Express DD Free Dish

‘एक फूटी कौड़ी नहीं मिलेगी…’, मोजतबा खामेनेई के बयान पर भड़के ट्रंप, क्या टूट जाएगी अमेरिका-ईरान डील?

US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच हालिया समझौते के कुछ ही दिनों बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के दावों को खारिज किया है.

Donald Trump on Mojtaba Khamenei

US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच डील हुए अभी एक हफ्ता भी नहीं गुजरा था कि दोनों देशों के रिश्तों में तनाव दिखने लगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि ईरान अब पूरी तरह कमजोर हो चुका है. उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका ईरान को “फूटी कौड़ी” भी नहीं देगा. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचा है. उनके मुताबिक, ईरान की वायुसेना और नौसेना की क्षमता भी काफी हद तक खत्म हो चुकी है.

ईरान पर भड़के ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट कर अपने आलोचकों को जवाब दिया. उन्होंने कहा कि हालिया युद्ध के बाद ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है और वह पहले के मुकाबले काफी कमजोर हो गया है.

ट्रंप के मुताबिक, ईरान की वायुसेना, नौसेना, एयर डिफेंस सिस्टम और रडार नेटवर्क को भारी क्षति पहुंची है. उन्होंने डेमोक्रेट नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह दावा करना गलत है कि ईरान अब पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि संघर्ष के बाद बातचीत की पहल अमेरिका ने नहीं, बल्कि ईरान ने की थी. ट्रंप का दावा है कि ईरान पर दबाव बढ़ने के कारण उसे बातचीत का रास्ता चुनना पड़ा. साथ ही उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को किसी तरह की आर्थिक मदद या वित्तीय राहत नहीं देगा.

खामेनेई ने ऐसा क्या कहा?

ट्रंप की यह प्रतिक्रिया ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) के उस बयान के एक दिन बाद आई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि समझौता कराने के लिए अमेरिका ज्यादा उत्सुक था. उनका कहना था कि डील को अंतिम रूप देने के लिए वॉशिंगटन ने कई तरह के प्रयास किए.


ये भी पढ़ें: 300 बिलियन डॉलर कौन देगा? अमेरिका-ईरान डील के छठे पॉइंट पर फंसा पेंच


अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अपने पहले संबोधन में मोजतबा ने कहा कि शुरुआत में उन्हें इस समझौते पर आपत्ति थी. हालांकि बाद में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान (Masoud Pezeshkian) और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इससे ईरान और उसके सहयोगी समूहों के हित सुरक्षित रहेंगे. इसके बाद उन्होंने इस समझौते को मंजूरी दे दी.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read