तुर्की ने ईरान की मिसाइल समंदर में तबाह की, साइप्रस में F-16 तैनात
तुर्की ने ईरान के खिलाफ मजबूत कदम उठाया है. पूर्वी भूमध्य सागर में ईरान से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को NATO के एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया. यह दूसरी बार है जब पिछले हफ्ते में ऐसा हुआ. तुर्की ने कहा कि उसके हवाई क्षेत्र में घुसने वाली मिसाइल को समंदर में ही तबाह कर दिया गया. कोई हताहत नहीं हुआ.
तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने बयान दिया, “हम याद दिलाते हैं कि तुर्की की चेतावनियों को मानना सभी के फायदे में है.” मंत्रालय ने आगे कहा कि इलाके की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी कदम के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी. तुर्की ने ईरान को पहले भी चेतावनी दी थी कि उसके हवाई क्षेत्र की ओर मिसाइल न भेजी जाएं.
उत्तरी साइप्रस में तुर्की की बड़ी तैनाती
तुर्की ने उत्तरी साइप्रस (तुर्की नियंत्रित हिस्सा) में 6 F-16 फाइटर जेट और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए हैं. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह कदम हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए सुरक्षा मजबूत करने के लिए उठाया गया है. यह अलग-अलग चरणों में सुरक्षा योजना का हिस्सा है. इससे पहले तुर्की ने यहां जंगी जहाज भी तैनात किए थे.
साइप्रस पर ड्रोन हमले का बैकग्राउंड
1 मार्च को ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने लेबनान से शाहेद-136 ड्रोन लॉन्च किए. ये ड्रोन साइप्रस के ब्रिटिश RAF अक्रोटिरी एयर बेस पर गिरे और धमाके हुए. यह साइप्रस पर पहला बड़ा हमला था. तुर्की ने इसे क्षेत्रीय अस्थिरता का सबूत बताया. ग्रीस ने भी साइप्रस के पाफोस बेस पर 4 F-16 तैनात किए और दो ईरानी ड्रोन मार गिराए.
ईरान और इजराइल-अमेरिका की जंग
यह सब अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद हो रहा है. युद्ध अब पश्चिम एशिया से पूर्वी भूमध्य सागर तक फैल गया है. साइप्रस एक फ्लैशपॉइंट बन गया है. तुर्की NATO सदस्य है और ईरान से पहले से प्रतिस्पर्धा रखता है. तुर्की ने कहा कि अगर उत्तरी साइप्रस पर हमला हुआ तो जवाब तय है और जंग बड़े इलाके में फैल सकती है. तुर्की ने स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र की शांति चाहता है, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा.
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