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रूस में चुनाव का आखिरी दिन और मॉस्को में धमाका! यूक्रेन के 1600 ड्रोनों की बारिश से दहली राजधानी; देखें VIDEO

Russia Ukraine War: रूसी चुनाव के बीच मॉस्को पर यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा हमला! 1600 से ज्यादा ड्रोनों की बारिश से दहली राजधानी, ऑयल रिफाइनरी में लगी भीषण आग.

मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी पर यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद आसमान में फैला काला धुआं.

(AI IMAGE)

Russia Ukraine War: रूसी संसदीय चुनाव के अंतिम दिन यूक्रेन ने मॉस्को पर अब तक का सबसे भीषण ड्रोन हमला किया है. 1600 से ज्यादा ड्रोनों के इस हमले में मॉस्को की मुख्य ऑयल रिफाइनरी और कई इमारतें चपेट में आ गईं, जिससे रूस की सुरक्षा व्यवस्था और एयर डिफेंस पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन यूक्रेन ने मॉस्को समेत कई इलाकों पर 1600 से ज्यादा ड्रोन दागे. मॉस्को की तरफ बढ़ रहे 450 ड्रोनों को तोड़ा गया, लेकिन फिर भी हमले के कारण एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई और 21 मंजिला इमारत क्षतिग्रस्त हुई. इस हमले में 2 लोगों की मौत हुई है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे रूस के आर्थिक संसाधनों पर चोट बताया और शांति वार्ता की अपील की.

मॉस्को पर यूक्रेन का सबसे बड़ा ड्रोन हमला

रूस की राजधानी मॉस्को पर यूक्रेन ने अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बोला है. रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कल रात से लेकर आज दोपहर तक देश के अलग-अलग हिस्सों में 1600 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए, जिनमें से लगभग 450 ड्रोन सीधे मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे. मॉस्को के मेयर सरगई सोबियान ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे राजधानी पर हुआ सबसे भयानक हवाई हमला करार दिया है. हमले के दौरान पूरी राजधानी धमाकों से गूंज उठी और आसमान में आग और धुएं के गुब्बार देखे गए.

ऑयल रिफाइनरी में लगी आग और रिहाइशी इमारत क्षतिग्रस्त

यूक्रेन के इस टारगेटेड हमले का मुख्य शिकार मॉस्को की एक प्रमुख ऑयल रिफाइनरी बनी. ड्रोन हमले के बाद रिफाइनरी में भीषण आग लग गई और संयंत्र का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. इसके अलावा, मॉस्को क्षेत्र में एक 21 मंजिला रिहाइशी इमारत को भी नुकसान पहुंचा, जिसके बाद 70 बच्चों समेत लगभग 400 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. अधिकारियों के मुताबिक, मॉस्को इलाके में इस हमले में दो लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं.

रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन बोला हमला

यह हमला ऐसे समय पर किया गया जब रूस में स्टेट ड्यूमा (संसदीय चुनाव) के लिए तीन दिवसीय मतदान का आखिरी दिन था. फरवरी 2022 में सैन्य अभियान शुरू होने के बाद रूस में यह पहला संसदीय चुनाव है. रूसी अधिकारियों का आरोप है कि यूक्रेन का मकसद चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालना और डर का माहौल बनाना था. हालांकि, मॉस्को प्रशासन ने दावा किया कि हमलों और खौफ के बावजूद मतदान की प्रक्रिया बिना रुके जारी रही.

राष्ट्रपति जेलेंस्की का बयान और शांति की अपील

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर इस दूरगामी ऑपरेशन की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि FP1, RZ 10000 और फ्लेमिंगो जैसी स्वदेशी लंबी दूरी की ड्रोन प्रणालियों का इस्तेमाल कर रूस के ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स ठिकानों पर प्रहार किया गया है, जो रूसी युद्ध मशीनरी को आर्थिक मदद पहुंचाते हैं. इसके साथ ही जेलेंस्की ने रूस से तनाव कम करने और ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा पर बात करते हुए शांति का रास्ता चुनने की अपील भी की.

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-भारत एक्सप्रेस



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