Donald Trump
US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि ईरान ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर नए एयर स्ट्राइक किए हैं. ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर नए एयर स्ट्राइक किए हैं. उनका आरोप है कि तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक कमर्शियल तेल टैंकर पर हमला कर सीजफायर समझौते को फिर से तोड़ दिया. यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई. दावा किया गया कि ईरान ने सुबह करीब 4:30 बजे (ईस्टर्न टाइम) एकतरफा अटैक ड्रोन लॉन्च किया, जिसने पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी किकू को निशाना बनाया.
बताया गया कि यह टैंकर दो मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चा तेल लेकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था. इसी घटना के बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य कार्रवाई की.
ईरान नहीं रहेगा- ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा, “अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज जगहों के साथ-साथ तटीय रडार साइट्स पर भी हमला किया था. अमेरिका के एयरक्राफ्ट ने सीजफायर समझौते को तोड़ने के लिए ईरानी मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज जगहों और कोस्टल रडार साइट्स पर फिर से हमला किया! बहुत मुमकिन है कि वे कभी नहीं सीखेंगे!”
ट्रंप ने आगे कहा, “एक समय ऐसा आ सकता है जब हम समझदारी से काम नहीं ले पाएंगे और हमें उस काम को मिलिट्री से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा जिसे हमने बहुत कामयाबी से शुरू किया था. अगर ऐसा होता है, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान नहीं रहेगा!”
अमेरिका-ईरन में कब-कब हुआ हमला?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिका का दावा है कि सीजफायर का मौका देने के बावजूद ईरान ने हमला किया, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि शुक्रवार को एम/वी एवर लवली पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की थी और इसके साथ ही ईरान को सीजफायर समझौते का पालन करने का मौका भी दिया गया था. लेकिन अमेरिकी सेना का आरोप है कि ईरान ने समझौते का सम्मान नहीं किया.
कमांड के मुताबिक, शनिवार सुबह भारतीय समयानुसार करीब 4:30 बजे ईरान ने एक अटैक ड्रोन लॉन्च किया, जिसने पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी किकू को निशाना बनाया. उस समय जहाज दो मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चा तेल लेकर होर्मुज स्ट्रेट के पास से गुजर रहा था. इस घटना के बाद अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त अभियान चलाकर होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास मौजूद ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई टैंकर पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में की गई.
-भारत एक्सप्रेस
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