Iran-US War News Updates: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा तनाव आज 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसमें दोनों पक्षों की सैन्य कार्रवाई से लेकर बयानबाजी दोनों ही मुखर हो गई हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई देशों से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा खोलने में मदद करने की अपील दोहराई. जिस पर अमेरिका के कई सहयोगी देश अभी उत्साह नहीं दिखा रहे हैं. जबकि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए इसे ‘महाशक्ति का डर’ करार दिया है.
इधर जंग के मैदान में दुबई और दोहा जैसे चमकते शहर मिसाइल अलर्ट और धमाकों की आवाज से थर्रा उठे हैं. वहीं ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर को मिसाइल से उड़ा दिया गया है, जिससे समुद्र में आग की लपटें दिखाई दे रही हैं.
खाड़ी देशों पर कैसे टूट पड़ा ईरान?
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, आज सुबह ओमान के पास एक विशाल तेल टैंकर पर अज्ञात मिसाइल (Projectile) से हमला हुआ, जिसके बाद जहाज में भीषण आग लग गई. यह हमला उस समय हुआ जब दुनिया भर की नजरें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खोलने पर टिकी थीं.
वहीं दुबई और कतर की राजधानी दोहा में लगातार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. कतर के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनकी सेना ने एक घातक मिसाइल हमले को हवा में ही इंटरसेप्ट कर तबाह कर दिया. ईरान अपने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने के लिए अब उन देशों को भी निशाना बना रहा है जहां अमेरिकी ठिकाने मौजूद हैं.
अमेरिकी खेमे में क्यों मचा हड़कंप?
वॉशिंगटन पोस्ट की एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने हड़कंप मचा दिया है. दरअसल रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में 7 खाड़ी देशों में हुए ईरानी हमलों में अमेरिका के करीब 200 सैनिक जख्मी हुए हैं. इधर ईरान की राजधानी तेहरान में भी कई धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जिसे इजरायल या अमेरिका की जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है.
ट्रंप प्रशासन अब अपने सहयोगियों से हाथ जोड़कर अपील कर रहा है कि वे हॉर्मुज की नाकेबंदी तुड़वाने में मदद करें, लेकिन फिलहाल कोई भी देश ईरान के सीधे गुस्से का शिकार होने को तैयार नहीं दिख रहा है.
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‘ऑपरेशन फ्यूरी’ नहीं, ये तो ‘ऑपरेशन फियर’ है!
ईरान की सेना ने अमेरिकी प्रोपेगेंडा का जमकर मजाक उड़ाया है. ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहीम जुल्फागरी ने ट्रंप के बयानों पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि युद्ध का फैसला सोशल मीडिया या ट्विटर पर नहीं बल्कि असली मैदान-ए-जंग में होता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका जिसे ‘एपिक फ्यूरी’ (Epic Fury) कह रहा है, असल में वह ‘एपिक फियर’ (महा-डर) है. जुल्फागरी ने चुनौती दी कि अगर अमेरिका में दम है तो वह मैदान में आए, क्योंकि ईरान की सेना केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि सीधा प्रहार करने में यकीन रखती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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