US Senate Passes Epstein Bill: एपस्टीन फाइल्स मामले में डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में मतदान के बाद मंगलवार को सीनेट ने एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट पारित कर दिया. जिससे दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधित फाइलों को जारी किया जा सकता है. अब यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पास उनकी स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा.
समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वसम्मति से कांग्रेस के ऊपरी सदन ने अमेरिकी सदन से पारित विधेयक पर विचार करने और उसे राष्ट्रपति ट्रम्प के पास भेजने पर सहमति व्यक्त की.
केवल क्ले हिंगिस ने खिलाफ में किया मतदान
रिपोर्ट के अनुसार इस विधेयक के खिलाफ केवल क्ले हिगिंस ने मतदान किया. उन्होंने कहा कि एपस्टीन की फाइलों को सार्वजनिक करने से निर्दोष लोगों को नुकसान होगा.
एक्स पर एक पोस्ट में, हिगिंस ने कहा, “मैं शुरू से ही इस विधेयक पर सैद्धांतिक रूप से “नहीं” कहता रहा हूं. तीन महीने पहले इस विधेयक में जो ग़लती थी, वह आज भी ग़लत है. यह अमेरिका में 250 साल पुरानी आपराधिक न्याय प्रक्रिया को त्याग देता है. जैसा कि लिखा गया है, यह विधेयक हज़ारों निर्दोष लोगों – गवाहों, बहाने बनाने वालों, परिवार के सदस्यों, आदि को उजागर करता है और उन्हें चोट पहुंचाता है.
जो संलिप्त नहीं थे उनकी गोपनीयता सुरक्षित रखें- हिगिंस
हिगिंस ने कहा कि यदि सीनेट विधेयक में संशोधन करके पीड़ितों और अन्य अमेरिकियों की गोपनीयता को उचित रूप से संबोधित करती है, जिनका नाम एपस्टीन फाइलों में है, लेकिन वे आपराधिक रूप से संलिप्त नहीं हैं, तो वे इस अधिनियम के पक्ष में मतदान करेंगे.
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सीनेट ने एपस्टीन विधेयक कैसे पारित किया?
सीनेट में एपस्टीन फाइल विधेयक को पारित करने के लिए सर्वसम्मति की मांग करते हुए डेमोक्रेटिक अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने कहा कि यह अधिनियम “अमेरिकी लोगों को वह पारदर्शिता प्रदान करने के बारे में है जिसकी वे मांग कर रहे हैं. शूमर के अनुरोध के बाद, सीनेट ने बिना कोई आपत्ति उठाए इस विधेयक को पारित कर दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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