सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ रद्द किए
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने आज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने ट्रंप द्वारा दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध बताया है. फैसले में कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है.
इस मामले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत के बारे में बताया. कोर्ट का यह फैसला राष्ट्रपति की शक्तियों को लिमिट में रखने वाला है. यह एक दुर्लभ फैसला है, जहां कोर्ट ने दुनिया के सबसे ताकतवर नेता माने जाने वाले ट्रंप के आदेश को रद्द कर दिया है.
ट्रंप की आर्थिक नीति को बड़ा झटका
गौरतलब हो कि ट्रंप ने अप्रैल 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर कई देशों से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ लगा दिए थे. ये टैरिफ दुनिया भर के लगभग सभी व्यापारिक साझेदारों पर लागू थे. ट्रंप ने कहा था कि हम अगर कोर्ट में हार गए तो देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाएगी. यह फैसला ट्रंप की प्रमुख आर्थिक नीति के लिए बड़ा झटका है. यह मामला उनके एजेंडे का पहला बड़ा मुद्दा था जो सीधे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा.
नई सरकार ने कानून का दुरुपयोग किया
अपनी सरकार बनते ही ट्रंप ने 1977 में बने 49 साल पुराने कानून IEEPA का इस्तेमाल किया. इस कानून का मकसद था कि युद्ध या गंभीर अंतरराष्ट्रीय संकट में राष्ट्रपति को विशेष शक्तियां मिलें. ट्रंप ने इसे व्यापार नीति के लिए इस्तेमाल किया. कोर्ट ने कहा कि यह कानून राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं देता. संविधान के अनुसार टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस के पास है.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के असर
इस फैसले से ट्रंप के लगाए गए ज्यादातर टैरिफ हट जाएंगे. अमेरिकी कंपनियों को पहले भुगतान किए गए टैरिफ का पैसा वापस मिल सकता है. दुनिया के देशों को अमेरिका में सामान बेचने में आसानी होगी. भारत, चीन और यूरोप के निर्यातकों को फायदा पहुंचेगा. कई सामान सस्ते हो सकते हैं. शेयर बाजार में तेजी आ सकती है. वैश्विक व्यापार ज्यादा स्थिर हो सकता है.
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