Bharat Express DD Free Dish

कब्जे का पहला कदम! वेनेजुएला से तेल खरीदी होगी पर पेमेंट US रखेगा; डोनाल्ड ट्रंप बोले- मैं कंट्रोल करूंगा

US Venezuela Oil Deal: दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने एनर्जी मार्केट में खलबली मचा दी है. अमेरिका तेल खरीद रहा है, लेकिन यह डील वहां की मौजूदा सत्ता से नहीं, बल्कि ‘अंतरिम सरकार’ से हो रही है.

US Venezuela Oil Deal Donald Trump Said Funds to be Controlled by America

US Venezuela Oil Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और कूटनीति की बिसात पर एक बड़ा दांव चला है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर घोषणा की है कि अमेरिका, वेनेजुएला की ‘अंतरिम सरकार’ से 30 से 50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाला कच्चा तेल खरीदने जा रहा है. यह तेल बाजार मूल्य पर खरीदा जाएगा. ट्रंप के इस ऐलान के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति और तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है.

सबसे खास बात इसकी शर्तें

ट्रंप ने साफ कर दिया है कि तेल के बदले दी जाने वाली अरबों डॉलर की रकम सीधे वेनेजुएला सरकार के खजाने में नहीं जाएगी, बल्कि इसका नियंत्रण खुद उनके (अमेरिकी प्रशासन) पास रहेगा. इस पैसे का इस्तेमाल दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए करने का दावा किया गया है. ट्रंप ने अपने ऊर्जा सचिव क्रिस राइट को इस योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दे दिया है, जिसके तहत तेल को बड़े जहाजों के जरिए सीधे अमेरिकी बंदरगाहों तक लाया जाएगा.

US Venezuela Oil Deal Donald Trump Said Funds to be Controlled by America

क्या है ट्रंप का प्लान? (What is Donald Trump Plan?)

राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को भारी मात्रा में तेल बेचेगी. मौजूदा बाजार मूल्य अनुमानित 56 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से यह डील करीब 2.8 बिलियन डॉलर की हो सकती है. तेल को बड़े स्टोरेज जहाजों में भरकर सीधे अमेरिकी डॉक और रिफाइनरीज तक पहुंचाया जाएगा.

व्हाइट हाउस में दिग्गजों की बैठक

इस डील को अमली जामा पहनाने के लिए शुक्रवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में अमेरिका की दिग्गज तेल कंपनियों एक्सॉन (Exxon), शेवरॉन (Chevron) और कोनोकॉफिलिप्स (ConocoPhillips) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इस बैठक में वेनेजुएला के तेल को अमेरिका लाने, उसे रिफाइन करने और इस डील के भू-राजनीतिक (Geopolitical) असर पर चर्चा होगी.

तेल का महासागर लेकिन उत्पादन कम

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार (Proven Oil Reserves) है, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता और प्रतिबंधों के कारण वह इसका सही दोहन नहीं कर पा रहा है. वेनेजुएला का उत्पादन औसतन सिर्फ 1 मिलियन बैरल प्रतिदिन है. अमेरिका का उत्पादन औसतन 13.9 मिलियन बैरल प्रतिदिन (अक्टूबर के आंकड़े) है.

ये भी पढ़ें: पीएम मोदी मुझसे नाराज, क्योंकि…’, भारत और प्रधानमंत्री को लेकर ट्रंप का अहम बयान, टैरिफ पर क्या बोले?

वेनेजुएला की राजनीति में हस्तक्षेप (Donald Trump Venezuela Oil Deal)

ट्रंप प्रशासन इस डील के जरिए वेनेजुएला की राजनीति में हस्तक्षेप करने के साथ-साथ अमेरिका के लिए सस्ते और उच्च गुणवत्ता वाले तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहता है. ‘अंतरिम सरकार’ शब्द का इस्तेमाल कर ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वे मादुरो सरकार पर दबाव बनाए रखेंगे.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read