अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत समेत कई देशों पर लगाए गए टैरिफ अब कानूनी विवादों में उलझ गए हैं. हाल ही में भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू करने के बाद यह मामला अमेरिका कोर्ट तक पहुंच गया है. कोर्ट ने इसे गैरकानूनी बताया है. कोर्ट का कहना है कि ट्रंप ने जिन अधिकारों का इस्तेमाल किया है वे उन्हें कानून तौर ऐसा करने के लिए इजाजत नहीं देता है.
कोर्ट के फैसले पर ट्रंप का तीखा हमला
कोर्ट ने अपने फैसले को अक्टूबर तक लागू करने से रोक दिया है ताकि ट्रंप सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें. लेकिन ट्रंप ने इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया ‘ट्रुथ’ पर तीखा हमला बोला है. सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अगर टैरिफ हटाए गए तो यह अमेरिका के लिए पूरी तरह से विनाशकारी होगा. उन्होंने अदालतों पर पक्षपात का आरोप लगाया और उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट उनके पक्ष में फैसला देगा.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि,
“राष्ट्रपति का टैरिफ अभी भी लागू है और सरकार अंतिम फैसले में जीत की उम्मीद करती है.”
टैरिफ एक रणनीतिक हथियार
ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में टैरिफ को एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया है. उन्होंने कई देशों को धमकी दी और फिर टैरिफ लगाकर दबाव बनाया है. इससे वैश्विक स्तर पर बाजारों में अस्थिरता आई और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई.
अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कोर्ट ने ट्रंप की टैरिफ नीति को बताया था गलत
इससे पहले भी न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कोर्ट ने ट्रंप की टैरिफ नीति को गलत बताया था. कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति ने अपनी शक्तियों का अतिक्रमण किया है. वाशिंगटन की एक अन्य अदालत ने भी पाया कि IEEPA कानून के तहत टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं है.
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टैरिफ नीति के खिलाफ अब तक आठ मुकदमे दायर
एक रिपोर्ट की माने तो ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ अब तक कुल आठ मुकदमे दायर किए जा चुके हैं जिनमें से एक कैलिफोर्निया राज्य की ओर से है. मामला अब सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर है जहां इसका अंतिम फैसला तय करेगा कि टैरिफ जारी रहेंगे या नहीं.
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-भारत एक्सप्रेस
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