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जब बाल्टिक सागर के ऊपर जल उठा आसमान…हिटलर की वो गलती जिसकी वजह से शुरू हुआ द्वितीय विश्वयुद्ध, आज के दिन से है खास संबंध

Hitler Attack Poland WW II: बिना युद्ध की घोषणा के 15 लाख जर्मन सैनिकों ने पोलैंड पर धावा बोल दिया था. हिटलर के देखरेख में हो रहे इस हमले का मुख्य कारण था, वर्साय की संधि में जर्मनी के द्वारा खोये गए अपने क्षेत्रों को वापस पाना.

Hitler Attack Poland World War 2

1 सितंबर 1939 का दिन था. सुबह के 4 बजकर 45 मिनट हो रहे थे. अभी सूर्य की किरणें अंधियारे के आगोश में थी. तभी बाल्टिक सागर के ऊपर का आसमान जगमगा उठा. ऐसा लगा जैसे काले आसमान में सूरज फट गया हो. लोगों में चीख-पुकार मच गई. जो जिस स्थिति में था उसी स्थिति में घर से भागने लगा.

ये कोई प्राकृतिक आपदा नहीं थी. ये जर्मन युद्धपोत श्लेस्विग-होल्सटीन का एक पोलिश किले पर हमला था. इसी हमले ने द्वितीय विश्वयुद्ध की उस चिंगारी को जन्म दिया. जो पूरे यूरोप में 5 करोड़ लोगों की मौत का कारण बना.

श्लेस्विग-होल्सटीन युद्ध पोत प्रथम विश्वयुद्ध में अपनी ताकत का प्रदर्शन कर चुका था और इसी युद्ध पोत ने अपनी आग उगलते गोलों से द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत भी की.

German battleship Schleswig-Holstein
पोलैंड पर हमला करते जर्मन युद्धपोत श्लेस्विग-होल्सटीन

बिना युद्ध की घोषणा के 15 लाख जर्मन सैनिकों ने पोलैंड पर धावा बोल दिया था. हिटलर के देखरेख में हो रहे इस हमले का मुख्य कारण था, वर्साय की संधि में जर्मनी के द्वारा खोये गए अपने क्षेत्रों को वापस पाना. इसके अलावा नाजी जर्मनी प्रथम विश्वयुद्ध में हुए अपने अपमान का बदला पोलैंड को अपना उपनिवेश बनाकर करना चाहता था.

एक ही दिन में हजारों नागरिकों की हत्या

नाजियों ने अपनी “ब्लिट्जक्रेग या बिजली की तरह युद्ध” रणनीति से कमजोर पोलैंड को कुचल कर रख दिया. नाजी जर्मनी की वायुसेना लूफ्टवाफे ने पोलैंड के एयरपोर्ट्स को नष्ट कर दिया. यात्री ट्रेनों पर बमबारी की और मशीनगनों से हमला कर हजारों पोलिश नागरिकों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी.

Hitler Attack Poland World War 2
जर्मनी के हमले में वर्साय की हालत

एक तरफ जर्मन वायुसेना हवा से पोलैंड को दहला रही थी, तो दूसरी तरफ जर्मनी की थल सेना के आग लगाने वाले बमों ने कैटोविस, क्राको और पोलैंड की राजधानी वारसॉ को आग के हवाले कर दिया था. जर्मन हमले में पोलैंड की राजधानी धू-धू कर जलने लगी.

हिटलर ने हमले के लिए बनाई थी खास रणनीति

हिटलर ने महीनों तक पोलैंड में कत्लेआम मचाया. अपने हमले को जस्टिफाई करने के लिए हिटलर ने बहुत पहले से ही रणनीति बनानी शुरू कर दी थी. पोलैंड पर हमले के बाद हिटलर ने जर्मनी की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि, पोलैंड के अंदर जर्मन मूल के लोगों को सताया जा रहा है. उन्होंने पिछली रात जर्मनी की धरती पर हमले किये. अपनी आत्मरक्षा में जर्मनी ने भी कार्रवाई की.

Hitler Attack Poland World War 2
पोलैंड के एक शहर पर हमला करते जर्मन सैनिक

कौन से हमले की बात कर रहा था हिटलर

दरअसल पोलैंड पर हमले से पहले जर्मनी की सीमावर्ती शहर ग्लीविट्ज में पोलैंड सेना की वर्दी पहने कुछ लोगों ने हमला कर दिया और एक जर्मन रेडियो स्टेशन पर कब्जा कर लिया. इस दौरान उन्होंने पोलिश भाषा में एक नाजी विरोधी संदेश दिया. इस हमले को हिटलर ने पोलिश आक्रमण के तौर पर पेश किया, लेकिन बात कुछ और थी.

ग्लीविट्ज में प्रचार तंत्र का इस्तेमाल कर कराया हमला

दरअसल ये सभी हिटलर के प्रचार तंत्र का हिस्सा थे. नाजी जर्मनी द्वारा डचाऊ यातना शिविर में रखे गए कैदियों को पोलिश सेना की वर्दी पहनाकर ग्लीविट्ज में हमला करने के लिए भेजा गया था. जब उनका काम खत्म हुआ तो नाजियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी और उन्हें ऐसा दिखाया कि वे गोलीबारी में हताहत हुए हैं.

German invasion of Poland
पोलैंड में घुसते जर्मन सैनिक

लोगों को संबोधित करते हुए हिटलर ने कहा कि, पोलिश राज्य ने मेरे द्वारा चाहे गए शांतिपूर्ण संबंधों को नहीं माना और हमपर हमला कर अपने इरादे जाहिर कर दिये. अब मेरे पास ताकत का जवाब ताकत से देने का कोई विकल्प नहीं बचा. इसके बाद जर्मनी ने अपनी नाजी सेना को पोलैंड पर हमला करने का आदेश दिया था.

German advance guards
पोलैंड के एक गांव को बर्बाद करते नाजी जर्मन सैनिक

30 सितंबर तक हिटलर ने जीत लिया पूरा पोलैंड

इस हमले के एक महीने बाद ही पूरे पोलैंड पर जर्मनी ने कब्जा कर लिया. 30 सितंबर 1939 को हिटलर ने अपने विजय की घोषणा की.

पोलैंड पर कब्जे के बाद पूरे पोलैंड के सरकारी भवनों पर स्वास्तिक झंडे लहराने लगे. विरोधियों और यहूदियों को यातना शिविरों में भेजा जाने लगा. इस हमले में हजारों पोलिश नागरिकों ने अपनी जान गंवाई. हालांकि ये तो सिर्फ शुरुआत थी. क्योंकि इसके बाद शुरू हुए द्वितीय विश्वयुद्ध में 5 करोड़ से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई. द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान नाजियों और सोवियत संघ के द्वारा 60 लाख से ज्यादा पोलिश नागरिकों की मौत हो गई. जिसमें आधे से ज्यादा यहूदी थे.

-भारत एक्सप्रेस



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