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Good News: धरती पर 24 घंटे सातों दिन सौर उर्जा मिल सके, इसलिए वैज्ञानिक स्‍पेस में भेज रहे सोलर पैनल, 8 गुना ज्यादा बिजली पैदा हो सकेगी

पृथ्वी पर 24 घंटे सातों दिन सौर उर्जा मिल सके इसके लिए वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में सोलर पैनल भेजे हैं. उनका कहना है कि पहली बार अंतरिक्ष से भेजी गई सौर उर्जा पृथ्वी पर रिसीव हुई है. आइए जानते हैं इसकी अहमियत..

सोलर सिस्‍टम (Image source- pixabay)

Solar Power To Earth From SPACE: संसार के लिए सौर ऊर्जा से जुड़ी अहम खबर है. दरअसल, वैज्ञानिक अंतरिक्ष से सौर ऊर्जा एकत्रित करके उसे पृथ्वी पर भेजने की तैयारी कर रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे धरती पर 8 गुना ज्यादा बिजली पैदा हो सकेगी. पहली बार अंतरिक्ष से सौर बिजली रिसीव हुई है. यह तब मुमकिन हुआ, जब वैज्ञानिकों ने जनवरी 2023 को MAPLE नाम का स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी के ऑर्बिट में छोड़ा था.

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष से सौर ऊर्जा पाने के लिए वहां सोलर पैनल भेजे हैं, और वे चाहते हैं कि पृथ्वी पर 24 घंटे सातों दिन सौर उर्जा मिल सके, खास बात यह है कि उन्‍होंने वहां से सोलर पावर यानी कि सौर बिजली रिसीव भी की है. उन्हें इसमें सफलता मिली है. एक वैज्ञानिक ने कहा कि स्पेस-बेस्ड सोलर पावर स्टेशन का कॉन्सेप्ट काफी पुराना है. 1940 के दशक में साइंस-फिक्शन राइटर आइजैक आसिमोव ने अपनी शॉर्ट स्टोरी ‘रीजन’ में इसका जिक्र किया था.

MAPLE स्पेसक्राफ्ट पर सोलर पैनल लगाकर भेजे गए थे
साइंस-फिक्शन राइटर की शॉर्ट स्टोरी को हकीकत में बदलने के लिए वैज्ञानिकों ने इस साल की शुरूआत में MAPLE नाम का स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी के ऑर्बिट में छोड़ा था. इसमें सोलर पैनल लगे थे, जो अंतरिक्ष के तापमान और सोलर रेडिएशन को झेल सकें. वैज्ञानिकों का मानना है कि अंतरिक्ष में लगाए जाने वाले सोलर पैनल पृथ्वी पर मौजूद पैनल्स के मुकाबले 8 गुना ज्यादा एनर्जी दे सकते हैं. आसान भाषा में कहें तो अंतरिक्ष से मिलने वाली सौर ऊर्जा से पृथ्वी पर 8 गुना ज्यादा बिजली पैदा हो सकेगी.

18वीं सदी से सौर ऊर्जा का हो रहा इस्‍तेमाल
धरती पर 18वीं सदी से ही सोलर पैनल्स के जरिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल हो रहा है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये सोलर पैनल्स सोलर सेल्स से बने होते हैं. सोलर सेल्स ऐसी डिवाइस होती है जो सूरज के रेडिएशन को बिजली में बदलती है. दुनिया में अब सौर ऊर्जा का इस्‍तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, आज दुनिया की 4% बिजली सोलर पैनल्स से मिल रही है, लेकिन वैज्ञानिक चाहते हैं कि लोग फ्यूल-बेस्ड पावर की जगह सौर बिजली का इस्तेमाल करें. हालांकि, ये मुमकिन नहीं है क्योंकि पृथ्वी पर हर समय धूप नहीं रहती है. दुनिया के कई देशों में ज्यादातर समय बादल छाए रहते हैं. ऐसे में 24 घंटे सातों दिन सौर ऊर्जा मिलना संभव नहीं है. इसलिए वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष से पृथ्वी पर सौर ऊर्जा भेजने की कोशिशें शुरू कीं.

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