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UP News: भारत में अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को यूपी एटीएस ने किया गिरफ्तार

दोनों अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और देश-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे. दोनों अभियुक्तों को 19 जुलाई 2023 की रात को करीब साढ़े 9 बजे थाना क्षेत्र -देवबंद, सहारनपुर से यूपी एटीएस की टीम ने गिरफ्तार किया था.

फोटो-सोशल मीडिया

Rakesh Kumar Edited by Rakesh Kumar

UP News: भारत में अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया है. एटीएस की टीम को सूचना मिली थी कि 2 बांग्लादेशी नागरिक कस्बा देवबंद, जनपद सहारनपुर में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा है. इसी के साथ ये भी जानकारी प्राप्त हुई थी कि इन विदेशी नागरिकों ने NIA द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त शहादत हुसैन की पत्नी समा परवीन को धन उपलब्ध करवाया था. इसी के बाद टीम ने छापेमारी की और दो संदिग्ध व्यक्ति, हबीबुल्लाह मिस्बाह उर्फ नाजिर पुत्र अबू ताहिर और अहमदुल्लाह उर्फ अब्दुल अवल पुत्र अब्दुल अजीज को गिरफ्तार कर लिया. ये लोग मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले हैं और भारतीय दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रहे थे और खुद को भारतीय नागरिक बता रहे थे.

जानकारी सामने आ रही है कि दोनों अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और देश-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे. दोनों अभियुक्तों को 19 जुलाई 2023 की रात को करीब साढ़े 9 बजे थाना क्षेत्र -देवबंद, सहारनपुर से यूपी एटीएस की टीम ने गिरफ्तार किया था. इसी के साथ गिरफ्तार अभियुक्तों ने प्रारम्भिक पूछताछ में बताया कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं और अवैध रूप से बार्डर पार करके भारत में दाखिल हुए थे. उन्होंने पूछताछ में ये भी बताया कि दक्षिण दिनाजपुर, वेस्ट बंगाल के पते पर इन लोगों ने अवैध रूप से कूटरचित भारतीय दस्तावेज तैयार करवाए और भारत में छिपकर रह रहे थे.

हबीबुल्लाह ने अपना भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए भारतीय दस्तावेजों के आधार पर आवेदन कर रखा है. इसी के साथ अहमदुल्लाह उर्फ अब्दुल अबल से जेल में बन्द बांग्लादेशी अभियुक्त शहादत हुसैन के सम्बन्ध में पूछने पर बताया कि वो शहादत हुसैन को बहुत अच्छी तरह से जानता है, जो बांग्लादेश का रहने वाला है तथा अवैध तरीके से भारत में रह रहा था. इसी के साथ ये भी जानकारी सामने आई है कि शहादत हुसैन के भाई के द्वारा बांग्लादेश से रूपये भेजे गए थे जिसे अहमदुल्लाह ने शहादत हुसैन की पत्नी समा परवीन को दे दिए थे.

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इन चीजों की हुई बरामदगी

हबीबुल्लाह से एक मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड, एक मोबाइल चिप, आधार कार्ड की एक छायाप्रति, पासपोर्ट सेवा केंद्र की शुल्क रसीद की छायाप्रति के साथ ही 10 रुपए के स्टाम्प पर बने शपथ पत्र की छाया प्रति, राशन कार्ड की छायाप्रति और बांग्लादेश सरकार का वोटर आईडी कार्ड के साथ ही फिनो बैंक की पासबुक की छायाप्रति, डच बांग्ला बैंक की एक फोटो कापी, असम का जन्म प्रमाण-पत्र, पैन कार्ड की फोटो कापी के साथ ही मदरसा अल जमीयतुल इस्लामिया खानका ए मदनी की उर्दू भाषा में दस्तावेज प्राप्त हुए हैं. इसी के साथ 1700 रूपये नकद बरामद किए गए हैं तो वहीं अहमदुल्लाह से एक मोबाइल फोन, दो सिम, एक पासपोर्ट (बांग्लादेश), एक भारतीय वोटर आईडी कार्ड, एक पैनकार्ड और 1230/- रूपये नकद बरामद किए गए हैं. इसी के साथ अब एटीएस फर्जी पहचान पत्र बनाने में सहयोग देने वाले मददगारों की जानकारी एकत्र कर रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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