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“हमें सबको आर्य बनाएंगे, एक दूसरे से जुड़िए…”, RSS प्रमुख मोहन भागवत की दुनिया भर के हिंदुओं से अपील

भागवत ने यह भी बताया कि क्रोध, ईर्ष्या और अहंकारी व्यवहार जैसी नकारात्मक भावनाएं समाज को तोड़ रही हैं या व्यक्तियों के बीच सहयोग को रोक रही हैं और निस्वार्थ सेवा के माध्यम से दिल जीतने का दृढ़ता से आह्वान किया.

मोहन भागवत ( फाइल फोटो)

मोहन भागवत ( फाइल फोटो)

Mohan Bhagwat:  RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को दुनिया भर के हिंदुओं से एक-दूसरे से जुड़ने की अपील की है. उन्होंने कहा कि भारत अन्य देशों को खुशी और संतुष्टि प्राप्त करने का मार्ग दिखाएगा. बैंकॉक, थाईलैंड में अपने विश्व हिंदू कांग्रेस (WHC) के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए, भागवत ने कहा कि दुनिया ने भौतिकवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद के कई प्रयोग किए गए तरीकों से संतुष्टि हासिल नहीं की है.

उन्होंने कहा कि आज की दुनिया लड़खड़ा रही है. 2,000 वर्षों से उन्होंने सुख, आनंद और शांति लाने के लिए कई प्रयोग किए हैं. उन्होंने भौतिकवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद की कोशिश की है. उन्होंने विभिन्न धर्मों की कोशिश की है. उन्होंने भौतिक समृद्धि मान ली है. लेकिन कोई संतुष्टि नहीं है. ऐसा लगता है कि वे इस बात पर एकमत हैं कि भारत रास्ता देगा.”

दुनिया एक परिवार: भागवत

भागवत ने कहा कि हिंदुओं को एक साथ आकर और काम करके ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (एक दुनिया, एक परिवार) की भावना को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए. उन्होंने कहा, “हमें हर हिंदू तक पहुंचना है, उससे जुड़ना है. और हिंदू मिलकर दुनिया में हर किसी को जोड़ेंगे. जैसे-जैसे हिंदू अधिक संख्या में जुड़े हैं, दुनिया से जुड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.” आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा, “हमें हर किसी से संपर्क करना है, उससे जुड़ना है और अपनी सेवा के माध्यम से उसे अपने पास लाना है. हमारे पास वह भावना है. निस्वार्थ सेवा के मामले में हम दुनिया भर में आगे हैं. यह हमारी परंपरा और मूल्यों में है. इसलिए, पहुंचें और दिलों के अलावा कुछ नहीं जीतें.”

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थाईलैंड में बोले भागवत

भागवत ने यह भी बताया कि क्रोध, ईर्ष्या और अहंकारी व्यवहार जैसी नकारात्मक भावनाएं समाज को तोड़ रही हैं या व्यक्तियों के बीच सहयोग को रोक रही हैं और निस्वार्थ सेवा के माध्यम से दिल जीतने का दृढ़ता से आह्वान किया. थाईलैंड में कार्यक्रम की शुरुआत विश्व हिंदू फाउंडेशन के संस्थापक और वैश्विक अध्यक्ष स्वामी विज्ञानानंद द्वारा शंख बजाने के बाद हुई. WHC सत्र में 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें आध्यात्मिक नेता माता अमृतानंदमयी देवी, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के महासचिव मिलिंद परांडे और अन्य शामिल थे.

-भारत एक्सप्रेस



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